न्यूज डेक्स संवाददाता
अंबाला,29 जुलाई। पांच अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान भारत की सरजमीं पर पहुंच चुके हैं।राफेल लड़ाकू विमानों का यह बेड़ा बुधवार तीन बजकर 10 मिनट पर फ्रांस से अंबाला एयरबेस पर पहुंचा। जहां राफेल को रिसीव करने के लिए स्वयं वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद रहे। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय वायुसेना को इसके लिए बधाई दी। विदित रहे कि रूस से 23 साल पहले खरीदे गये सुखोई विमानों के बाद राफेल को देश के लिये सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के बाद चीन और नेपाल सीमा से मिल रही लगातार खबरों के बीच राफेल का बेड़ा उतरने से पहले मुख्यधारा के मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर राफेल लड़ाकू विमान छाये रहे। अंबाला एयर बेस पर राफेल लड़ाकू विमानों के उतरने से पहले यहां खास माहौल दिखा। पैट्रोलिंग के साथ संवेदनशील जगहों पर पैनी नजर गढ़ाए सेना के जवान और पुलिस मुस्तैद रही। एयरबेस पर राफेल की लैंडिंग से पहले एक खास ध्वनी और गड़गड़ाहट के वातावरण को वहां मौजूद लोगों ने महसूस किया। सबसे पहले अंबाला एयरबेस पर तीन और उसके बाद दो राफेल लड़ाकू विमानों ने अपने खास अंदाज में लैंडिंग की।अत्याधुनिक राफेल विमान विश्वभर में अपनी बेहतरीन लड़ाकू क्षमता के लिये विख्यात हैं, जोकि मंगलवार को फ्रांस के बोरदु शहर के मेरिगनेक एयरबेस से अंबाला तक सात हजार किलोमीतर का सफर तय कर पहुंचे थे। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘‘बर्ड्स सुरक्षित उतर गए हैं।’’ लड़ाकू विमानों वायुसेना में ‘बर्ड’ यानी चिड़िया भी कहा जाता है। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि ‘‘राफेल लड़ाकू विमानों का भारत पहुंचना, हमारे सैन्य इतिहास में एक नये अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। पिछले चार वर्षों में राफेल कई बार मुद्दा और विवादों की वजह से चर्चा में रहा। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 23 सितंबर, 2016 को फ्रांस की एरोस्पेस कंपनी द साल्ट एविएशन से भारत सरकार ने 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे की डील फाइनल की थी। यह सौदा 59,000 करोड़ रुपये में हुआ था,जिसका मकसद भारत की सैन्य शक्ति को और शक्तिशाली बनाना था। यहां उल्लेखनीय यह भी है कि इस डील से पहले तत्कालीन यूपीए सरकार अपने कार्यकाल के दौरान कई वर्षो तक भारतीय वायुसेना के लिए 126 मध्य बहुद्देशीय लड़ाकू विमानों के खरीद के प्रयास में तो रही,मगर डील फाइनल नहीं हो सकी थी।