मूलभूत साक्षरता और अंक ज्ञान पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन ‘एकीकृत मॉडल से शिक्षक क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण’ पर विचार विमर्श हुए
निष्ठा में शिक्षकों की गुणवत्ता और छात्रों के शिक्षा परिणामों में सुधार पर जोर के साथ पूर्व- प्राथमिक, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के 35 लाख शिक्षकों को कवर किया गया
न्यूज़ डेक्स इंडिया
नई दिल्ली । मूलभूत साक्षरता और अंक ज्ञान पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज पुणे में हुआ। सम्मेलन का आयोजन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को ‘एकीकृत मॉडल से शिक्षकों के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण’ पर चर्चा करने के उद्देश्य से एक साथ लाने के लिए किया गया था।
इस कार्यक्रम की स्कूली शिक्षा विभाग में सचिव श्री संजय कुमार, सावित्री बाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. सुरेश गोसावी और शिक्षा मंत्रालय एवं राज्य शिक्षा विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर श्रीमती लामचोंघोई स्वीटी चांगसान ने 2019 में शुरू हुए निष्ठा- नेशनल इनिशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांस्मेंट प्रोग्राम के बारे में बात की। इसका 2021-22 में आगे मूलभूत साक्षरता और अंक ज्ञान एवं माध्यमिक स्तर तक विस्तार कर दिया गया है, जिसके दायरे में शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के सीखने के परिणामों पर ध्यान देने के साथ 35 लाख पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षक शामिल हैं।
उन्होंने शैक्षणिक दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए 20 अक्टूबर 2022 को जारी मूलभूत चरण के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) का भी उल्लेख किया। इस रूपरेखा का उद्देश्य एक प्रणालीगत सामान्य आधार प्रदान करना और पूरे देश में मानकीकृत, ग्रेड-वार शिक्षा के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।