न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर मार्ग स्थित नेताजी सुभाष पार्क में सोमवार रात्रि झांसा रोड चौंक वाली जयश्री शारदा रामलीला एवं दशहरा सोसायटी की रामलीला में राम-रावण युद्ध,रावण वध व श्रीराम राज्याभिषेक का मंचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा के पुत्र हिमांशु अरोड़ा,भाजपा नेता विजय गाबा ने बतौर मुख्य अतिथि श्रीराम का राजतिलक किया। इस मौके पर समाजसेवी हितेंद्र गोयल,निवर्तमान पार्षद नितिन भारद्वाज,डॉक्टर सुरेन्द्र मेहता,लवकेश मैहता,रामस्वरुप चोपड़ा,वीरेंद्र सिंह बनवाला,नरेंद्र चौहान,केवल कृष्ण और सुरेन्द्र सैनी विशिष्ट अतिथि रहे। अपने संबोधन में मुख्यअतिथि हिमांशु अरोड़ा ने कहा कि भगवान राम जैसा आदर्श चरित्र का दुनिया में कहीं कोई उल्लेख नहीं मिलता। रामायण के प्रत्येक पात्र से हमें कोई न कोई अच्छी सीख जरूर मिलती है। माता-पिता का पुत्र से, छोटे भाई का बड़े के प्रति, मित्रता का परस्पर व्यवहार और यहां तक कि शत्रु के प्रति भी नीति के अनुसार व्यवहार रामायण ने ही सिखाया है।समाजसेवी विजय गाबा ने कहा कि आज बदलते युग में हमें रामायण की शिक्षाओं पर चलने की जरूरत है। प्रधान सतीश शर्मा व अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का स्वागत करके स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
रामलीला के सभी कलाकारों, पदाधिकारियों व सहयोगियों को सम्मानित किया गया। श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद आतिशबाजी करके दर्शकों को मिठाई बांटी गई। सभी दर्शकों ने जय श्रीराम का पवित्र उद्घोष किया। मंच का संचालन वरिष्ठ कलाकार एवं सचिव यशपाल सैनी ने किया। रामलीला के मंच पर छोटे-छोटे बच्चों को लोरी दी गई। नृतकियों द्वारा रामलीला दृश्यों के बीच-बीच में भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। महासचिव नरेश चौधरी व सचिव अरविंद मोहन शर्मा ने बताया कि सरपरस्त दर्शनलाल सैनी के निर्देशन में मंच पर कलाकारों में सुमित गर्ग ने राम, शिव भटनागर ने लक्ष्मण,राकेश ठाकुर ने सुग्रीव,पीतांबर शर्मा ने हनुमान,धर्मेश भारद्वाज ने रावण, यशपाल सैनी ने अंगद,गोविंद ने जामवंत,मुकेश सिसोदिया ने विभिक्षण और अन्य कलाकार राम दरबारी में शामिल हुए। बड़ी संख्या में आए दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। इस मौके पर सरपरस्त भूषण गुप्ता, करनैल सिंह, बालकृष्ण, प्रधान सतीश शर्मा,महाप्रबंधक विजय गाबा,प्रबंधक संजीव पांडे, सचिव यशपाल सैनी, पदम धीमान,अजय ठाकुर,निर्देशक संजीव कौशिक,सतीश गाबा और गुरमीत सिंह खालसा आदि शामिल रहे।