राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि खादी वस्त्र नहीं विचार है
न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र । सर्दी का मौसम अपने तीखे तेवर दिखा रहा है तो वर्ष 2023 की विदाई के साथ वर्ष 2024 के स्वागत की तैयारी चल रही है। ऐसे में खादी संस्थानों ने भी आमजन के लिए विशेष तैयारी की है। खादी ग्रामोद्योग संघ मिर्जापुर के संचालक एवं सचिव सतपाल सैनी ने बताया कि वर्ष 2024 के स्वागत के साथ भव्य खादी महोत्सव होगा।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन से जहां खादी वस्त्र को बढ़ावा मिलेगा। वहीं आमजन को स्वदेशी व खादी उत्पादों से जोड़ने का प्रयास है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सपना है कि हर घर में खादी हो। सैनी ने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते हुए तथा नववर्ष 2024 के लिए खादी कपड़ों की नई रेंज उतारी है जो आमजन के लिए काफी लाभकारी होगी। खादी व स्वदेशी उत्पाद को आमजनों से जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है।
सतपाल सैनी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि खादी वस्त्र नहीं विचार है। जिसे आत्मसात करते हुए पीएम मोदी ने इसे आगे बढ़ाया है। देश की अर्थव्यवस्था समृद्धि सबका दायित्व है।