Home haryana 10 साल बाद भी हमारे द्वारा मंजूर और बनवाई गई परियोजनाओं का ही फीता काट रही सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा

10 साल बाद भी हमारे द्वारा मंजूर और बनवाई गई परियोजनाओं का ही फीता काट रही सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा

by ND HINDUSTAN
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दीपेन्द्र हुड्डा ने करीब 5 साल से उद्घाटन के लिए तरस रहे केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया

वर्ष 2008 में 63.88 करोड़ की लागत वाले CRIYN को यूपीए सरकार से मंजूर कराया, 2009 में जमीन दिलवा कर काम शुरू कराया और 2014 तक 70% काम पूरा भी कराया- दीपेन्द्र हुड्डा

सरकार ने 10 साल में बाढ़सा एम्स-2 के बचे हुए 10 संस्थानों को 10 रुपया भी नहीं दिया – दीपेन्द्र हुड्ड

 प्रधानमंत्री जी से मेरा अनुरोध है कि बाढ़सा एम्स-2 के बचे हुए 10 संस्थानों के लिए भी तुरंत बजट जारी किया जाए- दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़, 25 फरवरी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने झज्जर के देवरखाना गाँव में केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि 10 साल बाद भी हमारे द्वारा मंजूर और बनवाई गई परियोजनाओं का ही फीता काट रही है सरकार। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के लिए झज्जर के देवरखाना गांव में 63.88 करोड़ रुपये की लागत वाले केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (CRIYN) को यूपीए सरकार से मंजूरी दिलवाकर 2009-10 में जमीन अधिगृहीत कराकर काम शुरू करा दिया था। वर्ष 2014 तक इसका 70% काम भी पूरा करा दिया था। लेकिन, पिछले करीब 5 साल से CRIYN की बिल्डिंग उद्घाटन के लिए तरस रही थी। दीपेन्द्र हुड्डा ने प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद किया कि ‘देर आए दुरुस्त आए’ की कहावत के मुताबिक देर से ही सही 5 साल खाली पड़े रहने के बाद कम से कम पीएम ने इसका उद्घाटन तो किया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी को जब प्रधानमंत्री जी से उद्घाटन कराना था तो पहले क्यों नहीं कराया, बेवजह देरी क्यों की।

उन्होंने कहा कि हरियाणा को स्वास्थ्य सेवा का हब बनाने की सोच के साथ ही आधुनिक चिकित्सा के लिए बाढ़सा AIIMS-2, परिसर में NCI के अलावा राष्ट्रीय महत्व के 10 संस्थान मंजूर कराए थे, लेकिन सरकार ने 10 साल में बाढ़सा एम्स-2 के बचे हुए 10 संस्थानों को 10 रुपया भी नहीं दिया। दीपेन्द्र हुड्डा ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि बाढ़सा एम्स-2 के बचे हुए 10 संस्थानों के लिए भी तुरंत बजट जारी किया जाए।  

दीपेन्द्र हुड्डा ने बताया कि आयुष मंत्रालय के अधीन 19 एकड़ पर निर्मित ‘केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान एक शीर्ष स्तरीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान व शिक्षा केंद्र है। इस परियोजना से तृतीयक स्तर के योग और प्राकृतिक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा से संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा। इस संस्थान में ओपीडी, उपचार ब्लॉक, शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास और आवासीय ब्लॉक सहित योग ब्लॉक और आहार ब्लॉक के साथ-साथ 200 बिस्तरों वाला अस्पताल भी शामिल है। यह संस्थान उभरती स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों, विशेष रूप से गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते प्रसार को रोकने और उनसे निपटने के लिए जल चिकित्सा, मालिश, नैदानिक पोषण और योग चिकित्सा जैसे विविध दृष्टिकोणों का उपयोग कर लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा। 

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