कांग्रेस को देश और संविधान से नहीं , केवल सत्ता से सरोकार
धनखड़ ने झज्जर में आपातकालीन लोकतंत्र के प्रहरियों को किया नमन
एनडी हिंदुस्तान संवाददाता
चंडीगढ़।आज ही के दिन 1975 में तानाशाह कांग्रेस सरकार ने अपना वर्चस्व बनाने एवं सत्ता के लोभ में भारत के लोगों पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र की हत्या की थी। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने लोकतंत्र को बचाने के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी देशभक्तों को नमन करते हुए यह बात कही। लोकतंत्र के प्रहरियों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में आपतकाल के दौरान संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीरों का सम्मान भी किया गया। धनखड़ ने कहा कि आज उन सभी लोकतंत्र के प्रहरियों को याद करने का दिन है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान सविधान की बहाली के लिए कांग्रेस की हुकूमत की जेलों में यातनाएं झेली। आजादी के बाद आपातकाल को देश के इतिहास में काला अध्याय कहा जाता है।
धनखड़ ने कहा कि 25 जून, 1975 को लगा आपातकाल 21 महीनों तक यानी 21 मार्च, 1977 तक देश पर थोपा गया। इमरजेंसी की घोषणा के साथ ही सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार खत्म कर दिए गए । विपक्षी नेताओं और मुखर आवाज उठाने वालों आरआरएस सहित अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया था। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जयप्रकाश नारायण जैसे बड़े नेताओं को भी जेल में डाल दिया गया । जेलों में जगह नहीं बची थी। आपातकाल में कई तरह के काले कानून लागू किए गए। लोगों की जबरन नसबंदी कराई गई। प्रेस की आजादी छीन ली गई। कई पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया ।
धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता अब संविधान बचाने का ढोंग कर रहे हैं। देश के संविधान को असली खतरा कांग्रेस से ही है। कांग्रेस सत्ता के लिए किसी भी स्तर तक जा सकती है। कांग्रेस की नीति में देश का हित नहीं बल्कि किसी भी तरह से सत्ता पाने का छुपा हुआ एजेंडा होता है। इनका 1975 में असली चेहरा उजागर हो चुका है। भाजपा ने हमेशा देश के संविधान की रक्षा की है। यह देश की समझदार जनता जानती है। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजपाल जांगड़ा,वरिष्ठ नेता आनंद सागर, जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना, नप चेयरमैन जिले सिंह सैनी सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।