यूआईईटी संस्थान में इंडिया हैक्काथान 2024 के तहत नवाचार को लेकर 42 टीमों ने करवाया पंजीकरण
न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा के कुशल नेतृत्व में केयू यूआईईटी संस्थान द्वारा स्मार्ट इंडिया हैक्काथान 2024 के उद्घाटन अवसर बतौर मुख्यातिथि केयू डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी व निदेशक यूआईईटी संस्थान प्रो सुनील ढींगरा ने कहा कि नवाचार एवं उद्यमिता आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप द्वारा युवा विद्यार्थी सामाजिक समस्याओं का समाधान कर सकता है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं उद्यामिता को बढ़ावा देने के लिए केयू द्वारा यूआईईटी संस्थान में इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट इंडिया हैक्काथान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, इनोवेशन मंत्रालय व अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का उपक्रम है। इस उपक्रम के तहत रक्षा मंत्रालय, गोदरेज एप्लिकेशंस, मैथवर्क्स इंडिया, ऑटो डैक्स तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से जुड़ी समस्याओं हेतु विद्यार्थियों को समाधान के लिए आमंत्रित किया है जिसमें कुल 42 टीमों ने पंजीकरण करवाया है।
एसआईएच 2024 के संयोजक डॉ. विशाल अहलावत ने बताया सभी आइडियों पर बारीकी से अध्ययन किया जाएगा ताकि हमारे विद्यार्थी स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सके। इस अवसर पर डॉ. संजय काजल, डॉ. दिव्या भाटिया, शिवानी, सोनिया सैनी, सौम्या गोयल, अर्चित शर्मा, हरिकेश पपोसा, तनिष्का, कनिष्का मित्तल, गजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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आपदा, एनर्जी, स्मार्ट एजुकेशन से जुड़ी समस्याए शामिल
प्रो ढींगरा ने बताया कि एसआईएच 2024 के सातवें उपक्रम में 68 हार्डवेयर और 178 सॉफ़्टवेयर से संबंधित भारत सरकार के विभिन्न राज्यों की समस्याएं इसमें अंकित की गई है जिसमें मुख्यतः डिजास्टर मैनेजमेंट स्मार्ट रिसोर्सेज़ कंजर्वेशन, रिन्युएबल सस्टेनेबल एनर्जी, टॉयज और गेम, फ़िटनेस और स्पोर्ट्स, मैडटेक, बायोटेक, हेल्थ टेक्नीक, स्मार्ट एजुकेशन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक, कृषि, फ़ूड टेक और ग्रामीण विकास, क्लीन एंड ग्रीन टैक्नोलॉजी, स्मार्ट ऑटोमेशन, ट्रेवल और टूरिज़्म से जुड़ी हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए 500 आइडिया जमा किए जाएंगे इनमें से पांच आइडियों को चयनित कर एसआईएच राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भेजे जाएंगे। प्रथम आने वाली टीम को एक लाख रुपये का नक़द पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा।