Home Kurukshetra News नेपाल दूतावास के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी ने कुरुक्षेत्र के पर्यटन स्थलों का किया अवलोकन

नेपाल दूतावास के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी ने कुरुक्षेत्र के पर्यटन स्थलों का किया अवलोकन

by ND HINDUSTAN
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गीता स्थली ज्योतिसर और ब्रहमसरोवर को देखकर गदगद हुए नेपाल के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र, 17 जनवरी। नेपाल दूतावास के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी ने कहा कि पर्यटन, धार्मिक और गीता स्थली कुरुक्षेत्र का एक-एक तीर्थ और पर्यटन स्थल दर्शनीय है। इस तीर्थ नगरी कुरुक्षेत्र की पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान है। इस पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के जो उपदेश दिए थे, वह उपदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इस तीर्थ स्थली के दर्शन करने के लिए देश ही नहीं विश्व के प्रत्येक नागरिक को एक बार जरुर कुरुक्षेत्र में आना चाहिए। नेपाल अम्बेसी के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी, नेपाल के काउंसलर (सांस्कृतिक) होम प्रसाद ल्यूटेल, नेपाल अम्बेसी से ब्रिगेडियर जरनल ईश्वर कांत मेनाली रविवार को कुरुक्षेत्र के तीर्थ स्थलों का भ्रमण करने के लिए पहुंचे।

यहां केडीबी कार्यालय में पहुंचने पर केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इसके पश्चात सभी मेहमानों ने ब्रहमसरोवर, गीता उपदेश स्थली ज्योतिसरी, नरकतारी और भद्रकाली मंदिर सहित अन्य तीर्थ और पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। ब्रहमसरोवर को देखकर नेपाल अम्बेसी के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी ने खुब प्रशंसा की और कहा कि ज्योतिसर गीता उपदेश स्थली तथा ब्रहमसरोवर सबसे दर्शनीय स्थल है, इन स्थलों पर आकर मन को शांति मिलती है और 5 हजार से ज्यादा पुराने इतिहास से आत्मसात होने का अवसर भी मिलता है। इस धर्मनगरी की फिजाओं में आज भी कर्म करने का संदेश मिलता है, इसलिए प्रत्येक मानव को अपने जीवन में कर्म करने की राह पर चलने के लिए कुरुक्षेत्र में जरुर आना चाहिए।

नेपाल अम्बेसी के प्रथम सचिव ओम कुमार भंडारी सहित सभी मेहमानों को केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने एशिया के सबसे बड़े ब्रहमसरोवर, गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर और तीर्थ स्थल पर केन्द्र सरकार की स्वेदशी दर्शन योजना के अंतर्गत श्रीकृष्ण सर्किट के तहत करोड़ों रुपए की लागत से किए जा रहे विकास कार्यों और महाभारत थीम तथा इस स्थल पर स्थापित होने वाली भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरुप, सरस्वती नदी जहां वेदों और उपनिषदों की रचना हुई तथा भारतीय संस्कृति फली-फूली व पनपी सहित अन्य तीर्थ व पर्यटन स्थलों के बारे में बारीकि से जानकारी मुहैया करवाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ही कुरुक्षेत्र को विश्व पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जा रहा है। इस क्षेत्र को पर्यटन स्थली के रुप में विकसित करने के लिए श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया गया है। इस सर्किट में शामिल होने से कुरुक्षेत्र पर करोड़ों रुपए की राशि खर्च की जा रही है।

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