आईपीएल आज़ादी के बाद नंबर 1 ‘मेक इन इंडिया’ ब्रांड
एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़ । आईपीएल चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने कहा कि जीवन और खेल में सफलता का मंत्र है – नए बदलावों को अपनाना, नवाचार करना और लक्ष्य से नजर न हटाना। उन्होंने खेल को शिक्षा का जरूरी हिस्सा बताया और कहा कि इसके बिना समग्र विकास संभव नहीं है।
धूमल ने यह विचार टाईकॉन 2025 में चर्चा के दौरान साझा किए। इस दिलचस्प सत्र का संचालन टाई चंडीगढ़ के वाईस प्रेसीडेंट पुनीत वर्मा ने किया।
टाईकॉन चंडीगढ़ प्रमुख उद्यमियों और विचारकों की पहल है, जिसका उद्देश्य नए और महत्वाकांक्षी उद्यमियों को मार्गदर्शन, नेटवर्किंग, शिक्षा, इनक्यूबेशन और फंडिंग के माध्यम से एक समृद्ध वातावरण प्रदान करना है। टाईकॉन चंडीगढ़ का 10वां संस्करण यहां हयात रीजेंसी में आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने छात्रों को यह सिखाना चाहिए कि असफलताओं को स्वीकार करना और उनसे सीखना कितना जरूरी है, जो खेल हमें बहुत खूबसूरती से सिखाते हैं। हर खेल में, हम एक बार असफल होते हैं, फिर उठते हैं और जीत हासिल करते हैं।
जब उनसे क्रिकेट प्रशासन से जुड़ने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके भाई अनुराग ठाकुर का शुरू में राजनीति में कोई रुझान नहीं था। वह सिर्फ भारत के लिए क्रिकेट खेलना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि वह राजनीति में चले गए और मैं क्रिकेट प्रशासन का हिस्सा बन गया।
देशभर में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे के लगातार विकास का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह महज संयोग नहीं है कि दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम हमारे देश में है। छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) में क्रिकेट की पहुंच बढ़ने से खेल की प्रगति को जबरदस्त बढ़ावा मिला है।
धूमल ने कहा, “आईपीएल आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा ‘मेक इन इंडिया’ ब्रांड है। इसने क्रिकेट को और अधिक लोगों तक पहुंचाया है, खासकर छोटे शहरों के युवा अब टीमों का अहम हिस्सा बन रहे हैं, जिससे नई प्रतिभाओं को शानदार मौका मिल रहा है।”
जब उनसे उनके पसंदीदा खिलाड़ी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने झट से जवाब दिया – “महान कपिल देव, जिन्होंने देश को आत्मविश्वास और किसी भी टीम को हराने की क्षमता दी।”