डीसी प्रीति ने जिला के सभी सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को लिखा पत्र
कहा :- विद्यालय प्रबंधन समितियों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाएं सभी अध्यापक
प्रत्येक गाँव व वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर ड्रॉप-आउट बच्चों के आंकड़े एकत्रित करें
सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी
एनडी हिन्दुस्तान
कैथल। डीसी प्रीति ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 को लेकर जिला के सभी सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को पत्र लिखकर “प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम को सफल बनाने तथा बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन करवाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में शिक्षा विभाग कैथल द्वारा जिला के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन विषय को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसमें विभागीय आंकड़ों के अनुसार पाया गया कि जिला कैथल के 40 प्राथमिक, मिडल, तथा उच्च विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन में गिरावट देखी गई है। इसलिए हम सब को मिलकर इन विद्यालयों में भी विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का भरपूर प्रयास करना है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सामुदायिक भागीदारी भी बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुपालना के तहत 18 वर्ष तक की आयु के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना मुख्य कार्य है। यद्यपि राज्य में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन करना, उनका विद्यालय में ठहराव करना, अवस्थांतर करवाना तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 2 व 3 की अनुपालना में अनिवार्य अंग है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रह पाए।
डीसी प्रीति ने कहा कि सभी विद्यालय मुखियाओं एवं शिक्षक समाज को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत विद्यालयों में “प्रवेश उत्सव” कार्यक्रम के माध्यम से इस पर व्यापक ध्यान देने की आवश्यकता है। डीसी प्रीति ने कहा कि कोई भी योजना सामुदायिक भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकती। जिले के अधिक दाखिला करवाने वाले विद्यालयों में सक्रिय सामुदायिक भागीदारी, विद्यालय प्रबंधन समितियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रभावशाली स्थानीय व्यक्तियों का योगदान प्रशंसनीय है।
विद्यालय की विशेषताओं और सुविधाओं का करें प्रचार-प्रसार
डीसी प्रीति ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालय प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत, प्रभावशाली स्थानीय व्यक्तियों, स्वयं सेवी संस्थाओं और अन्य संगठनों के साथ मिलकर विद्यालय में “प्रवेश उत्सव कार्यक्रम” धूमधाम से मनाएँ। इस अवसर पर अपने विद्यालय की विशेषताओं और सरकार द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं का प्रचार-प्रसार करें। अपने विद्यालय में शिक्षा विभाग हरियाणा के दिशा निर्देशानुसार 30 अप्रैल 2025 तक आयोजित होने वाले प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टीम को साथ लेकर कार्य कर
घर-घर जाकर ड्रॉप-आउट बच्चों के आंकड़े करें एकत्रित
प्रत्येक गाँव/वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर ड्रॉप-आउट बच्चों के आंकड़े एकत्रित करें। इसके लिए आंगनवाड़ी रजिस्टर, जन्म-मृत्यु रजिस्टर आदि से ऑकड़ें लिए जाएँ ताकि किसी भी प्रकार से कोई भी विद्यार्थी छूट ना पाए। ऐसे बच्चे जो पिछले तीन वर्षों से किसी भी कारणवश ड्रॉप आउट हुए हैं, उनका विद्यालयों में नामांकन करवाना अति अनिवार्य है। प्रत्येक विद्यालय आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर विभागीय नियमानुसार योग्य बच्चों का स्कूल में नामांकन करना सुनिश्चित करे
स्कूल प्रबंधन व पीटीएम की जाए आयोजित
प्रत्येक विद्यालय शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 20 अप्रैल, 2025 तक विद्यालय में आयोजित की जाने स्कूल प्रबंधन व पीटीएम की बैठक करना सुनिश्चित करें ताकि विद्यालय को एक बेहतर सीखने और विकास का केंद्र बनाया जा सके।बालिकाओं की शिक्षा को दें बल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख लक्ष्य ‘सामाजिक न्याय और समानता को प्राप्त करने के लिए शिक्षक सभी दिव्यांग विद्यार्थियों का विद्यालयों में नामांकन और उनका समायोजन करना सुनिश्चित करें।
डीडीपीओ व सीडीपीओ निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, कैथल अपने कार्यालय के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों को पत्र जारी करें ताकि सभी पंचायतें शिक्षा विभाग के साथ मिलकर नामांकन बढ़ाने में सहयोग करें। महिला एवं बाल विकास अधिकारी आंगनबाड़ी में पढ़ रहे बच्चे जो विद्यालयी शिक्षा के योग्य हो गए हैं, उन्हें नजदीकी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित करना सुनिश्चित करें।
एक सार्थक बदलाव लाने का एक सुनहरी मौका
डीसी प्रीति ने शिक्षकों व अन्य अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप पूरी मेहनत और समर्पण भावना के साथ अपने आस-पड़ोस के क्षेत्र को शून्य ड्रॉप-आउट बनाते हुए सभी बच्चों का विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन करना सुनिश्चित करें। आपके पास एक सार्थक बदलाव लाने का एक सुनहरी मौका है। हमारे विद्यालय और शिक्षा की गुणवत्ता का भविष्य आपकी विद्यालय के प्रति निष्ठा, समर्पण भावना और दृढ़ संकल्प पर निर्भर करता है। अतः आप शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक टीम के रूप में कार्य करते हुए अपना-अपना अमूल्य योगदान दें।