Home Kurukshetra News किसान की भूमिका अन्नदाता से आगे और भी,उसे ऊर्जा,ईंधन और हाईड्रोजन दाता भी बनना-गडकरी

किसान की भूमिका अन्नदाता से आगे और भी,उसे ऊर्जा,ईंधन और हाईड्रोजन दाता भी बनना-गडकरी

by ND HINDUSTAN
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गडकरी ने किसान कुंभ में किया रामबीर श्रेष्ठ की पुस्तक नए भारत के किसान का विमोचन

दो दिवसीय किसान कुंभ-2025 का पूसा संस्थान में शुभारंभ,विशेषज्ञों ने किया नए भारत की खेती पर मंथन

एनडी हिन्दुस्तान

दिल्ली।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आह्वान किया कि भविष्य में किसानों की भूमिका को अन्नदाता,ऊर्जादाता,ईंधनदाता और हाइड्रोजन दाता के रुप में होनी चाहिए। गड़करी बुधवार को पूसा संस्थान में आयोजित एपी शिंदे सभागार में आईआईटी दिल्ली के उन्नत भारत अभियान के तहत आयोजित काउट्रिशन फाउंडेशन एवं एग्रीटेक इनोवेशन सोशल फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय किसान कुंभ-2025 के उद्घाटन सत्र में भारत के विभिन्न राज्यों और पड़ौसी देश नेपाल से आए किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के किसानों को गेहूं,चावल और मक्का का उत्पादन करना चाहिए,मगर यह भी समझना होगा कि भारत 22 लाख करोड़ रुपये पैट्रोल डीजल पर खर्च कर रहा हैं।उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी भूमिका अन्नदाता के साथ इसका और भी विस्तार करे।

कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार ने गड़करी व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और अपने संबोधन में नितिन गडकरी प्रयोगधर्मी पुरुष बताया।उन्होंने कहा कि वे कुशल किसान,उद्योगपति और आमजन की मुद्दों को समझने वाले कुशल राजनेता हैं।इस अवसर पर गड़करी ने वरिष्ठ पत्रकार रामबीर श्रेष्ठ की पुस्तक नए भारत के किसान का विमोचन किया।उन्होंने कहा कि जब भारत का किसान सुखी समृद्ध होगा,तभी हमारा देश विश्व गुरु के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।जब किसान सामर्थ्यवान,समृद्ध और संपन्न होगा,तभी आत्महत्याओं पर भी विराम लगेगा।

गड़करी ने कहा कि मुझे मेरी हैसियत से ज्यादा राजनीति के क्षेत्र में मुझे बड़े बड़े पद मिले। मैं जिस राज्य से आता। हूं उस राज्य में दस हजार से ज्यादा किसानों ने आत्म हत्याएं की। मेरे पिता भी किसान थे, मैंने सोचा था कि मैं राजनीति में जरुर हूं,लेकिन मैं लगभग राजनीति करता ही नहीं,मैं सेवा करता हूं और राजनीति का सही अर्थ यही है। उन्होंने कहा कि किसानों का तय करना होगा हमें किस दिशा में जाना है और किस दिशा में जाने से लाभ होगा।स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले जब महात्मा गांधी जी गांव की बात करते थे उस समय गांवों में 90 प्रतिशत लोग रहते थे,लेकिन अब 65 प्रतिशत रहते हैं। आज सबसे बड़ी आवश्यकता है,गांव के किसान मजदूर को आत्मनिर्भर बनाने की है। इस सरकार का पूरा फोकस है।

उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध संपन्न होना चाहिए, यह सब की भावना है,लेकिन कैसे हो,इस पर जागरुकता से विचार करना होगा। गड़करी ने भारत में इथेनॉल मिश्रण की सफलता पर बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण 2014 के 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 15 प्रतिशत हुआ, जिसे अब 20 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही चावल के भूसे से बायो-सीएनजी के उत्पादन सहित अपशिष्ट से ऊर्जा तैयार वाली तकनीकों का चर्चा की। उन्होंने बताया हरियाणा,पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में पहले ही चालू हो चुकी।

गड़करी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की एक बड़ी समस्या थी,लेकिन इंडियन ऑयल के पानीपत प्लांट के प्रयासों से कृषि अपशिष्ट (पराली) को बायोमास में बदला जा रहा है। इसी तरह सही योजनाओं के चलते पराली जलाने से होने वाले मौसमी वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है।

कनेरी मठ के पूज्य स्वामी काडसिद्धेश्वर,मिलेट्समैन के नाम से प्रसिद्ध खादर वली,एमएसपी पर बनी हाई पावर कमेटी के सदस्य कृष्ण बीर चौधरी, आईआईटी के डा. वीरेंद्र कुमार विजय ,उद्योगपति डा.आरजी अग्रवाल ने भी संबोधित किया। किसान कुंभ के पहले दिन हुए तीन सत्रों में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि किसान तकनीकी और नवाचारों का प्रभावशाली तौर तरीके से इस्तेमाल करके ही आगे बढ़ सकता है। पहले दिन के तीन सत्रों में विशेषज्ञ के रुप में गोपालन से 130 उत्पादों को बनाने का रिकार्ड बनाने वाले असीम रावत,हेता,विनोद जानी को कृषि पर्यटन में प्रोफेसर आन प्रैक्टिस नियुक्त विनोद जानी शामिल हुए।वहीं
काउट्रिशन की अध्यक्ष गीतांजली, वीरेंद्र तंवर,मिथलेश चौहान,मानवी अजीत सिंह,संजय वशिष्ठ व अ्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन रमेश चहल और आयुष ने किया।
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पुस्तक में हैं 80 से ज्यादा किसानों की रचनात्मक खेती की कहानियां
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रामबीर श्रेष्ठ ने बताया कि इस पुस्तक में सात वर्षों में देशभर के रचनात्मक किसानों के कार्यों को कवर किया गया है,जिसे उन्होंने पुस्तक के रुप में भी प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में 80 से ज्यादा रचनात्मक खेती की कहानियां शामिल हैं,जिनसे कुल मिलाकर लाखों लोग जुड़े हैं।
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किसान कुंभ में आज केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री व हरियाणा के कृषि मंत्री होंगे शामिल
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किसान कुंभ-2025 के समापन अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी एवं हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित कई विशेषज्ञ संबोधित करेंगे।10 अप्रैल को भी कार्यक्रम के तीन सत्र पूसा संस्थान के एपी शिेंदे सभागार में चलेंगे।

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