Home Kurukshetra News दुनिया में खेती का पहला बीज धर्म भूमि कुरुक्षेत्र में बोया गया था-कृषि मंत्री

दुनिया में खेती का पहला बीज धर्म भूमि कुरुक्षेत्र में बोया गया था-कृषि मंत्री

by ND HINDUSTAN
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दिल्ली पूसा संस्थान में आयोजित किसान कुंभ 2025 के समापन समारोह में बोले हरियाणा के कृषि मंत्री

देश के किसानों के किसानों को पुरातन परंपरागत खेती अपनाने की जरूरत-श्याम सिंह राणा

रासायनिक खेती से फसल और आय तो बढ़ी मगर भूमि और स्वास्थ्य बिगड़ा-कृषि मंत्री

एनडी हिन्दुस्तान

दिल्ली।  हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि दुनिया में खेती का पहला बीज धर्म भूमि कुरुक्षेत्र में बोया गया था। आज दिल्ली के इस सभागार में देश के किसानों से समक्ष खड़ा होकर भूमि पुत्रों नमन करता हूं। दिल्ली पूसा संस्थान में आयोजित एपी शिंदे सभागार में आईआईटी दिल्ली के उन्नत भारत अभियान के तहत आयोजित काउट्रिशन फाउंडेशन एवं एग्रीटेक इनोवेशन सोशल फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय किसान कुंभ-2025 के समापन सत्र में संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर किसान कुंभ आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार ने मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों के साथ देश भर से आए किसानों और आयोजन समिति के सदस्यों का भी जताते हुए कृषि मंत्री का स्वागत किया।

समापन सत्र में मुख्यातिथि कृषि मंत्री ने कहा कि मैं उस पवित्र कुरुक्षेत्र से आता हूं,जहां भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म का संदेश गीता उपदेश में दिया और इसी भूमि पर सबसे पहले खेती के पौराणिक उल्लेख मिलते हैं। उन्होंने भारत देश अपनी धर्म संस्कृति और आचार विचार के लिए दुनियाभर में विख्यात है। ऋषि और कृषि की भूमि पर अगर किसी को संस्कृति के दर्शन करने हैं तो वह गांव में आकर देख सकता है और भारत की प्रगति को देखना है तो शहरों में देखी जा सकती है।

इसी भारत देश में एक दौर वह भी था जब शासन प्रशासन गांव में आकर अचानक घरों में स्टोर किए गए अनाज की तलाशी लेने पहुंच जाते थे,जबकि यह अनाज बिक्री के लिए नहीं, बल्कि गांव के जरुरतमंद लोगों के लिए स्टोर कर रखा जाता था।लेकिन आज माहौल बदला है। अनाज भंडारण में देश के साथ सबसे बड़ा योगदान हरियाणा पंजाब में देखा जा सकता है। अब भारत अनाज को आयात करने वाला देश नहीं,बल्कि निर्यात करने वाला दुनिया में सबसे अधिक खाद्य उत्पादन करने वाला दूसरा देश बन चुका है।

कृषि मंत्री ने कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती जमीन को बचाने की है, रसायनिक खेती से बचने की है।इसकी वजह से कैंसर जैसे भयानक रोग बढ़ रहे हैं। इसका इलाज है प्राकृतिक और जैविक खेती। इससे कृषक समाज की लागत कम होगी और आर्थिक स्थिति भी सुधरेगा। इससे देश पर भी उपकार होगा। प्राकृतिक खेती और जैविक खेती पर बताया। इस मौके पर उन्होंने किसानों कहा कि खेती के साथ जल बचाना भी हमारा लक्ष्य है। हरियाणा सरकार इसके लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 

राणा ने कहा कि धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) अपनाने वाले कृषकों के लिए हरियाणा सरकार 4000 रूपये प्रति एकड़ की सब्सीडी दे रही है। उन्होंने कहा कि खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे देश में यह सबसे अधिक राशि है। पारंपरिक रोपाई विधियों के विपरीत, जिसमें अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, डीएसआर में पौधों को रोपाई करने की जरूरत नहीं होती और पानी की खपत एवं श्रम लागत भी कम होती है। कृषि मंत्री भूजल स्तर की गिरावट को१ रोकने और धान की खेती की दक्षता में सुधार किया जा सके।

समापन से पहले के सत्र में अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भारत का किसान सही दिशा में बढ़ रहा है। उनका भारत की कृषि का अर्थ व्यवस्था में अहम योगदान ह।अर्थ व्यवस्था को भी आगे लेने जाने में बड़ी भूमिका निभाने में भारत का किसान सक्षम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बाहरी आक्रमण से सेना का जवान रक्षा करता है, वैसे आंतरिक सुरक्षा देने का काम किसान का योगदान है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बड़ी चुनौती है कि रासायनिक खेती से उनकी आय तो बढ़ी है,लेकिन भूमि और स्वास्थ्य पर खतरा बन गया है। 

एमएसपी  डायरेक्टर यूबीए प्रो सिंह उन्नत भारत अभियान के बारे में विस्तार से बताया। आज देश के 592 जिलों तक उन्नत भारत अभियान पहुंच कर 20 हजार गांवों से जुड़ा है। वहीं एग्रीकल्चर कमिशनर डा. पीके सिंह ने कहा कि हमारी 20 हजार साल पुरानी कृषि पद्धति है,भारत की संस्कृति परंपरा के साथ एआई के साथ ऋषि इंटेलिजेंस के साथ भारत सरकार की कृषक समाज और कृषि के क्षेत्र के लिए शुरु की गई योजनाओं की बात की। इस अवसर भारत सरकार द्वारा कृषि मामलों के लिए बनाई गई हाई पावर कमेटी के सदस्य कृष्ण बीर चौधरी व अन्य विशेषज्ञों ने संबोधित किया । रामबीर सिंह श्रेष्ठ,काउट्रिशन की अध्यक्ष गीतांजली, वीरेंद्र तंवर,मिथलेश चौहान,मानवी अजीत सिंह,संजय वशिष्ठ व अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन रमेश चहल और आयुष ने किया।

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