एनडी हिन्दुस्तान
पंचकूला । हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उर्दू प्रकोष्ठ द्वारा अकादमी परिसर में पहलगाम आतंकी घटना के शहीदों की स्मृति में आज प्रार्थना एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया । उर्दू प्रकोष्ठ के निदेशक डॉक्टर चंद्र त्रिखा ने बताया कि अकादमी के सभी अधिकारियों कर्मियों एवं स्थानीय लेखकों द्वारा दिवंगतों की स्मृति में दीप प्रज्वलित किए गए और राष्ट्रीय अखंडता के संदर्भ में एक संकल्प पत्र पढ़ा गया। दिवंगत आत्माओं के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर अपनी संवेदनाओं का इजहार किया गया। यह विश्वास भी व्यक्त किया गया की वर्तमान राजनीतिक लोकतांत्रिक एवं सैनिक नेतृत्व जन भावनाओं के मार्ग एवं संकल्प के सम्मान को बनाए रखेगा। उल्लेखनीय है कि अकादमी में कल भी दिवंगत आत्माओं की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था जिसमें दिवंगत आत्माओं की स्मृति में 2 मिनट का मौन भी रखा गया था। अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि पहलगाम की घटना से पाकिस्तान ने अपने विघटन के बीज बो दिए हैं और पाकिस्तान के विघटन के पहले अध्याय की पहली पंक्ति इस घटना के शहीदों ने लिख दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के दूरगामी परिणाम होंगे जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर टूट जाएगी।
इस अवसर पर संस्कृति प्रकोष्ठ के निदेशक डॉक्टर चितरंजन दयाल सिंह कौशल तथा पंजाबी प्रकोष्ठ के निदेशक हरपाल सिंह गिल द्वारा भी शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। श्रद्धांजलि सभा में बी डी कालिया हमदम ,मंजित सिंह, डॉ. विजेन्द्र सिंह, रघुबीर सिंह, प्रदीप वशिष्ठ, श्याम सुंदर,मनीषा नांदल, मुकेश लता,मोनिका,डॉक्टर प्रतिभा, डॉक्टर जितेंद्र आदि ने भी शहीदों को शब्दांजलि अर्पित की।