Home Kurukshetra News एईडीपी कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप: विनीत जोशी

एईडीपी कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप: विनीत जोशी

by ND HINDUSTAN
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केयू बना शिक्षुता समन्वित डिग्री कार्यक्रम अपनाने वाला हरियाणा का पहला विश्वविद्यालय

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र।  भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि एईडीपी कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया है। वे मंगलवार को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) के अवसर पर प्रशिक्षुता आधारित डिग्री कार्यक्रम (एईडीपी) का औपचारिक शुभारंभ करते हुए बोल रहे थे। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, सीडीओई की निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी, केयू प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार ने  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा  बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन) के बीच राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) के अंतर्गत प्रशिक्षुता आधारित डिग्री कार्यक्रम (एईडीपी) के कार्यान्वयन हेतु किए गए एमओयू को साझा एवं सार्वजनिक किया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि इन कोर्स के माध्यम से जहां छात्रों को एक ओर शैक्षणिक कौशल प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर एप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र अपने कौशल के आधार पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाएंगे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को यह सम्मान प्राप्त हुआ है कि वह हरियाणा में एईडीपी को अपनाने वाला पहला विश्वविद्यालय बना है। हम इसे छात्रों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त पहल मानते हैं। यह समझौता छात्रों को औद्योगिक क्षेत्र में अधिक सक्षम और प्लेसमेंट के लिए तैयार बनाने में सहायक सिद्ध होगा।  उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्रों के अंदर रोजगार एवं एंटरप्रेन्योरशिप की भावना का जागृत करना। इन कोर्स के माध्यम से जहां छात्रों को एक ओर शैक्षणिक कौशल प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर एप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र अपने कौशल के आधार पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाएंगे।
प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि सीडीओई इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के तहत तृतीय वर्ष में विद्यार्थियों को उद्योग में कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहले प्रस्तुत की गई, जिनमें एईडीपी और एआई एप्रेटिंसशिप जैसे नवाचार शामिल हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा ने राज्य का पहला विश्वविद्यालय बनने का गौरव प्राप्त किया है जिसने शिक्षुता प्रशिक्षण मंडल (उत्तरी क्षेत्र) के साथ एईडीपी को लागू करने हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात प्रदर्शनी का भ्रमण भी किया गया। यह आयोजन एबीएसएस की विभिन्न विषयगत सत्रों के साथ आगे बढ़ा जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर शिक्षा जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ाया।

एईडीपी कार्यक्रम

एईडीपी शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा बीओएटी (नार्थन रीजन) द्वारा मिलकर शुरू किया गया एक अभिनव कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उनकी स्नातक डिग्री के दौरान ही उद्योग-प्रासंगिक व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इससे छात्रों की व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि होगी और उन्हें स्नातक उपरांत बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

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