केयू शोधार्थी योगेश को अमेरिका से मिला शोध पुरस्कार
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के पीएचडी. शोधार्थी योगेश को अमेरिका की प्रतिष्ठित बोटेनिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका ने डाहल ग्रेन ग्रेजुएट स्टूडेंट रिसर्च अवार्ड 2025 प्रदान किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उपलब्धि के लिए शोधार्थी योगेश को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल वनस्पति विज्ञान विभाग की बल्कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को इस प्रकार की मान्यता प्राप्त होना हमारे विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान वातावरण की पहचान है। इस उपलब्धि से हमारे अन्य शोधार्थियों को भी उच्चस्तरीय अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी।।
वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. योगेश साभरवाल ने कहा कि ऐसे समर्पित और दूरदर्शी शोधार्थी हमारे विभाग की शोध परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। योगेश का घासों जैसे महत्वपूर्ण परंतु उपेक्षित पौध समूह पर किया जाने वाला उनका कार्य वास्तव में अनुकरणीय है। हमें गर्व है कि हमारे विभाग का शोधार्थी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से पहचान बना रहा है।
शोध पर्यवेक्षक डॉ. निधान सिंह, आई. बी. महाविद्यालय, पानीपत ने बताया कि योगेश हालांकि पिछले कई वर्षों से हरियाणा राज्य में वनस्पति विविधता पर स्वतंत्र रूप से गहन कार्य कर रहे हैं। परंतु हाल ही में उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के शोधार्थी के तौर पर हरियाणा में घास कुल पर कार्य आरंभ किया है और इस कार्य को विश्व की एक अग्रिम संस्था ने महत्वपूर्ण मानते हुए सम्मानित किया है। न केवल क्षेत्रीय परंतु बड़े स्तर पर भी यह कार्य वनस्पति विज्ञान के अध्ययन में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस कार्य का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका की इस प्रतिष्ठित संस्था ने पूरे भारत से केवल तीन शोधार्थियों को इस सहायता राशि और प्रशस्ति पत्र के लिए चयनित किया है। शोधार्थी योगेश ने इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल तथा अपने शोध निर्देशक का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समस्त विश्वविद्यालय समुदाय की है।
इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. योगेश सभरवाल, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, शोध पर्यवेक्षक डॉ. निधान सिंह उपस्थिति रहे।