Home Kurukshetra News एसपीएसटीआई ने नए प्रोजेक्ट विज्ञान का जंतर-मंतर, सर्कस ऑफ साइंस मोबाइल साइंस बस का शुभारंभ किया

एसपीएसटीआई ने नए प्रोजेक्ट विज्ञान का जंतर-मंतर, सर्कस ऑफ साइंस मोबाइल साइंस बस का शुभारंभ किया

by ND HINDUSTAN
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सांसद नवीन जिंदल ने किया सर्कस ऑफ साइंस, विज्ञान बस का शुभारंभ

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र। विज्ञान को बच्चों एवं आमजन से जोड़ने के लिए सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन इंडिया (एसपीएसटीआई) द्वारा हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में विज्ञान शिक्षा में एसपीएसटीआई ने एक नया अध्याय शुरू किया। नए प्रोजेक्ट के रूप में संस्था ने अपनी अभिनव विज्ञान का जंतर-मंतर, सर्कस ऑफ साइंस मोबाइल साइंस बस का शुभारंभ किया। इस बस को सांसद नवीन जिंदल ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों में धरमवीर (पूर्व मुख्य सचिव, हरियाणा एवं अध्यक्ष एसपीएसटीआई), प्रो. के. धरमवीर (महासचिव एसपीएसटीआई) कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इसे पहियों पर चलता प्रयोगशाला घर बताया गया। नवीन जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से एसपीएसटीआई की यह अनूठी पहल विज्ञान बस ग्रामीण स्कूलों के दरवाजे पर प्रयोगात्मक शिक्षा पहुंचाने का माध्यम बनेगी। इस बस में 2 सौ से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग सुसज्जित हैं, जो परंपरागत कक्षा शिक्षण को एक जीवंत और संवादात्मक अनुभव में बदल देती है। संस्था प्रबंधक अनुसार कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी स्वयं भौतिकी, रसायन, गणित और जीव विज्ञान के प्रयोग कर पाएंगे, जबकि कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन होगा। जिन में वे पिनहोल कैमरा, लैंस कैमरा, स्लाइड्स और पेरिस्कोप जैसे मॉडल तैयार करेंगे। इस पहल से विज्ञान केवल किताबों तक सीमित न रहकर वास्तविक जीवन का अनुभव बनेगा। बस के शुभारंभ के बाद नवीन जिंदल ने मोबाइल प्रयोगशाला का स्वयं अवलोकन किया और बच्चों द्वारा किए जा रहे प्रयोगों को देखा। उन्होंने आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का भी भ्रमण किया, जहां विद्यार्थियों ने फीनॉलफ्थेलिन मैसेज, 3 डी तकनीक और बर्नौली सिद्धांत जैसे रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय है कि औपचारिक शुभारंभ से पहले विज्ञान बस शाहाबाद और लाडवा ब्लॉक के 30 स्कूलों में परीक्षण के रूप में चलाई जा चुकी है। इसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और स्वयं प्रयोग किए। परिणामस्वरूप छात्रों की मूलभूत वैज्ञानिक अवधारणाओं की समझ और गहरी हुई। इस सफलता से उत्साहित होकर अब बस पूरे कुरुक्षेत्र जिले में चलेगी। यह प्रतिदिन एक अलग सरकारी स्कूल में जाएगी और अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। एसपीएसटीआई की व्यापक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए संस्था के प्रबंधक महिपाल शर्मा ने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल थानेसर में मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भी कुरुक्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से आए 200 विद्यार्थियों और 40 शिक्षकों ने भाग लिया। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक और जिला विज्ञान अध्यापक तरसेम कौशिक के मार्गदर्शन में बच्चों ने रॉकेट विज्ञान के सिद्धांत सीखे और स्वयं मॉडल रॉकेट तैयार कर प्रक्षेपित किए। बच्चों की बनाई रॉकेटों को आकाश में उड़ते देख सबके चेहरे उत्साह और खुशी से खिल उठे। सर्कस ऑफ साइंस बस के शुभारंभ के साथ एसपीएसटीआई और नवीन जिंदल फाउंडेशन ने हरियाणा में संवादात्मक, समावेशी और नवीन विज्ञान शिक्षा का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह परियोजना हजारों विद्यार्थियों को प्रेरित करेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाएगी और सिद्धांत तथा व्यवहार के बीच की दूरी को मिटाएगी।

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