▪️ कार्यक्रम में विकसित भारत और ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाई दी ।
▪️ शारीरिक कार्यक्रमों के साथ-साथ अनेक राज्यों की संस्कृतियों का हुआ दिव्य प्रदर्शन ।
▪️ अनुशासन और भारतीय संस्कृति का मुख्य केंद्र है गीता निकेतन- संजय बठला।
▪️शिक्षा केवल नौकरी पाने का नहीं अपितु व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण का साधन है – गौरव चौधरी
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र।17 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को गीता निकेतन आवासीय विद्यालय का 52वां वार्षिकोत्सव आरोहण हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के पहुंचने पर विद्यालय के एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के कैडेट्स ने परेड के साथ उनका स्वागत किया। विद्यालय के छात्रों द्वारा घोष की सुंदर प्रस्तुति हुई । मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। गणेश वंदना और सरस्वती वंदना के पश्चात् प्राचार्य नारायण सिंह ने सभी अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया ।
विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्राचार्य ने कहा कि 53 वर्ष पूर्व 21 जनवरी 1973 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर श्री गुरुजी ने इस विद्यालय का शिलान्यास किया था । पिछले 52 वर्षों में विद्यालय ने देश के शिक्षा मानचित्र पर अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है । उन्होंने बताया कि विद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय में वर्तमान में 1725 विद्यार्थी हैं जिनमें से छात्रावास में 17 राज्यों के 552 विद्यार्थी अध्यनरत हैं जो एक लघुभारत का दृश्य प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विद्यालय के ही पूर्व छात्र एवं मेरठ जिला पंचायत के अध्यक्ष गौरव चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह विद्यालय मेरे लिए अपने जैसे अनेक छात्रों के लिए भाग्य विधाता है।यह विद्यालय पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को एक अच्छा नागरिक और सच्चा देशभक्त बनाता है । मैं इस विद्यालय का सदैव ऋणी रहूंगा । उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनेक संस्मरण सुनाए ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड 48 कोस परिक्रमा निगरानी कमेटी के अध्यक्ष संजय बठला ने कहा यह विद्यालय श्री गुरु जी के सपनों को पूरा करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यहां विद्यार्थी श्रेष्ठ वैश्विक ज्ञान और भारतीय संस्कारों पर आधारित शिक्षा के साथ साथ देशभक्ति, समर्पण, सेवा और त्याग की भावना सीखते हैं । कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों द्वारा योग का सुंदर प्रदर्शन किया गया जिसमें अनेक आसन और मुद्राओं की प्रस्तुति हुई। समूह गान के द्वारा विद्यार्थियों ने सभी को देशभक्ति और एकता का संदेश दिया। समूह नृत्य में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की संस्कृतियों की झलक दिखाई दी। मलखंब प्रदर्शन में छात्रों ने अद्भुत मुद्राओं के साथ सभी को चकित कर दिया। तदुपरांत छात्रों ने विकसित भारत की यात्रा पर एक रोचक नाटक प्रस्तुत कर 2047 के भारत का दिव्य स्वरूप दिखाया। कार्यक्रम का एक और आकर्षण भगवान विष्णु के 10 अवतारों पर आधारित नृत्यनाटिका दशावतारम् ने सभी का मन मोह लिया।
आरोहण कार्यक्रम एवं विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ घनश्याम शर्मा ने सभी को दीपावली की शुभकामना दी एवं कार्यक्रम में पहुँचने पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्या भारती शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाला देश का सबसे बड़ा गैर सरकारी शिक्षा संगठन है। विद्या भारती के लाखों पूर्व छात्र आज देश और विदेश में अनेक उच्च पदों पर प्रतिष्ठित हैं । हम गीता निकेतन में आज के छात्रों को भी उसी रास्ते पर आगे ले जाना चाहते हैं और विकसित भारत के लिए उनकी भूमिका सुनिश्चित करने के प्रयास में लगे हैं । उन्होंने इस सुंदर एवं प्रभावी आयोजन के लिए शिक्षकों, पर्यवेक्षकों एवं छात्रों को बधाई दी ।
इस आरोहण कार्यक्रम में विद्या भारती एवं हिंदू शिक्षा समिति के अनेक पदाधिकारी, विद्या भारती कुरुक्षेत्र संकुल के सभी विद्यालयों की प्रबंध समितियों के पदाधिकारी , प्रधानाचार्य , आचार्यों ,अभिभावकों सहित नगर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों तथा विद्या भारती एवं निकेतन के अनेक पूर्व छात्र भी विद्यालय के इस कार्यक्रम में शामिल हुए । सभी ने इस संस्कारप्रद कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की ।
वंदेमातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।