एनडी हिन्दुस्तान
करनाल। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सन्त जीवन मानव कल्याण के लिए होता है। सन्त कबीरदास, सन्त गरीबदास की वाणियां न केवल जीवन में सरलता लाती हैं, अपितु हमें मिलकर देश और समाज को मज़बूत बनाने में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
रविवार को सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा गांव मुनक स्थित श्री साहेब प्रेमदास आश्रम में श्री सतगुरु साहेब प्रेमदास जी महाराज की स्मृति में आयोजित 35वें विशाल सन्त सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि सन्त निस्वार्थ होते हैं, उनकी कोई जाति नहीं होती। सन्त सत्संग के माध्यम से समाज में धर्म भावना की अलख को जागृत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में संतों की बदौलत भी आमजन प्रतिस्पर्धी दौर में संयम, धैर्य के बलपर चुनौतियों का सामना करता है। उन्होंने कहा कि महन्त धूनीदास महाराज पिछले 20 सालों से समाज में धर्म प्रचार कर रहे हैं। उनके झज्जर आवास पर 100 वर्षों से अधिक समय से 10 नवंबर से 12 नवम्बर तक सन्त कबीरदास व सन्त गरीबदास की वाणियों का सत्संग होता है। उन्होंने आश्रम में विकास कार्यों के लिए स्वैच्छिक कोष से 5 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर सन्त विजेंदर दास महाराज, सन्त रविन्द्र दास महाराज, सन्त सुरेशानंद महाराज, सन्त जितेन्द्र दास महाराज एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।