गुलजारी लाल नंदा केन्द्र में लगेगी पीएम विश्वकर्मा मेले की प्रदर्शनी, पीएम विश्वकर्मा कारीगरों को मिलेगा व्यवसाय विस्तार का अवसर
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पीएम विश्वकर्मा कारीगरों को मार्केटिंग एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी 29 से 30 नवंबर 2025 तक दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गुलजारी लाल नंदा केन्द्र में किया जाएगा। दो दिवसीय इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विश्वकर्मा कारीगरों को एक मंच प्रदान कर उनके कौशल, उत्पादों और सेवाओं को व्यापक पहचान दिलाना है।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, स्थानीय उत्पादों एवं पीएम विश्वकर्मा कारीगरों द्वारा निर्मित सामान जैसे मिटटी के बर्तन, मूर्तिया, जुतिया, बच्चों के खिलौनों, मंगाली की माला, टोकरी, चटाइ, कान्हा जी की पोशाक, सूट, लहंगा, बेडशीट, सजावटी मंदिर, कृत्रिम आभूषण को एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर सकें। मेले में मार्केटिंग(ई-कॉमर्स/GeM), पैकेजिंग, ब्रांडिंग, उत्पाद डिज़ाइन, डिजिटल भुगतान (QR कोड) और विविध प्रशिक्षणों पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
प्रदर्शनी में कुल 100 स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें विश्वकर्मा कारीगर अपने विविध उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे। प्रतिभागियों को दो दिनों के लिए ₹500 प्रतिदिन भत्ता, साथ ही ₹1000 यात्रा भत्ता और ₹1000 सहायक राशि भी प्रदान की जाएगी।साथ ही प्रतिभागियों को भोजन, ठहरने की व्यवस्था जैसी सुविधाएँ निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
पीएम विश्वकर्मा लाभार्थी को सलाह दी गई है कि वे वे अपने पर्याप्त उत्पाद, ब्रोशर और विजिटिंग कार्ड साथ लेकर आएँ, अपने उत्पादों का एक आकर्षक ब्रॉशर, फोटोग्राफ, उत्पादन प्रक्रिया एवं उपयोग संबंधी विवरण तैयार रखें, ताकि खरीदारों एवं आगंतुकों तक उनके उत्पादों की पूरी जानकारी आसानी से पहुँच सके। इच्छुक पीएम विश्वकर्मा लाभार्थी निर्धारित समय में एमएसएमई कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
नंदा केन्द्र में होने वाली इस प्रदर्शनी को क्षेत्र के हस्तशिल्पियों, पीएम विश्वकर्मा लाभार्थी और स्व-रोजगार से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जहां उन्हें सीधे ग्राहकों, खरीदारों और मार्केटिंग विशेषज्ञों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
सहायक निदेशक मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस प्रदर्शनी से कारीगरों को नए बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाने और अपने कार्य को आधुनिकता से जोड़ने का अवसर मिलेगा।