Home Chandigarh सरस आजीविका मेला शिल्पकारों और खरीदारों को एक मंच पर लाने के साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता में भी देता है योगदान : मुख्यमंत्री

सरस आजीविका मेला शिल्पकारों और खरीदारों को एक मंच पर लाने के साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता में भी देता है योगदान : मुख्यमंत्री

by ND HINDUSTAN
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में सरस आजीविका मेला-2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

मुख्यमंत्री ने स्वापन डिजिटल ग्राम बाजार पोर्टल और सांझा बाजार सेल्स पोर्टल का किया शुभारंभ

महिलाओं की आर्थिक आजादी में स्वयं सहायता समूहों का अहम योगदान – नायब सिंह सैनी

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरस आजीविका मेला शिल्पकारों और खरीदारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता में भी योगदान देता है। हम सबको अपने शिल्पकारों द्वारा बनाई गई वस्तुओं पर गर्व करना चाहिए और उनके द्वारा बनाये उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा करके हम अपने क्षेत्र के शिल्पकारों तथा लघु उद्यमियों की मदद कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित सरस आजीविका मेला-2025 के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

महिला उद्यमी ऐसे उत्पादों का निर्माण करें जो गुणवत्ता और शिल्प की दृष्टि से विदेशी उत्पादों को कड़ी टक्कर दें

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों, शिल्पकारों व कारीगरों द्वारा लगाए गए विभिन्न उत्पादों के स्टाॅलस का अवलोकन किया और उत्पादों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने महिलाओं की कला और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी बहनें स्वदेशी उत्पादों का निर्माण कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सकंल्प और वोकल फाॅर लोकल की भावना को मजबूत करने में अपना अहम योगदान दें रही हैं। उन्होंने महिला उद्यमियों से आह्वान किया कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण करें जो गुणवत्ता और शिल्प की दृष्टि से विदेश उत्पादों को कड़ी टक्कर दें।

स्वापन डिजिटल ग्राम बाजार पोर्टल के माध्यम से एसएचजी के उत्पादों की वैश्विक स्तर पर हो सकेगी प्रदर्शन और बिक्री

सहायता समूहों में 5 लाख 98 हजार परिवारों को जोड़ा है। इन्हें रिवोलविंग फण्ड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सरल ऋण के तौर पर वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 547 करोड़ 89 लाख रुपये की विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने सामुदायिक निवेश निधि की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दी है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों की बहनों को होटल प्रबंधन से प्रशिक्षण दिलवाया है। ऐसी बहनें प्रदेश में लगभग 380 कैंटीन चला रही हैं।

हरियाणा में तीन लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

नायब सिंह सैनी ने कहा कि ड्रोन दीदी योजना के तहत बहनों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे वे कृषि, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। 100 महिलाओं को ड्रोन वितरित कर दिए गए हैं। ड्रोन दीदियों को ज्यादा से ज्यादा काम मिले उसके लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हरियाणा में तीन लाख लखपति दीदी हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज की धुरी हैं। राज्य के इस चहुंमुखी विकास में महिलाओं की बराबर की भूमिका रही है। इसी के चलते आज हरियाणा की गिनती देश के सर्वाधिक प्रगतिशील राज्यों में होती है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने प्रदेश में 151 वीटा बिक्री केन्द्रों का संचालन महिलाओं के हाथों में दिया है।

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