कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने साइंस कॉन्क्लेव-2026 के ब्रोशर का किया विमोचन
29-30 जनवरी को होगा भव्य आयोजन
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय साइंस कॉन्क्लेव-2026 के ब्रोशर का अनावरण किया। यह प्रतिष्ठित आयोजन 29 और 30 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा।युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि जगाना मुख्य लक्ष्यब्रोशर जारी करते हुए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली छात्रों के भीतर बुनियादी विज्ञान (बेसिक साइंस) के प्रति जिज्ञासा और निरंतर रुचि पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी विज्ञान ही वैज्ञानिक प्रगति और नवाचार की रीढ़ है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने उभरते क्षेत्रों जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम ऑप्टिक्स, उन्नत सामग्री (एडवांस मैटेरियल), अंतःविषय वैज्ञानिक अनुसंधान (इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च) जैसे विषयों से युवा शिक्षार्थियों को परिचित कराने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।बुनियादी विज्ञान में घटते नामांकन पर चिंताप्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बुनियादी विज्ञान विषयों में छात्रों के घटते रुझान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अधिक छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल की ओर जा रहे हैं, जिससे भविष्य में कुशल शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों की भारी कमी हो सकती है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है ताकि हरियाणा के मेधावी छात्र बुनियादी विज्ञान को करियर के रूप में चुनें।कॉन्क्लेव का विषय और स्वरूपकॉन्क्लेव के संयोजक डॉ. जी.पी. दुबे ने बताया कि इससे पहले 2010, 2011, 2020 और फरवरी 2025 में आयोजित सम्मेलनों को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए साइंस कॉन्क्लेव-2026 का मुख्य विषय (थीम) विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जीवन को सशक्त बनानाः एक स्थायी भविष्य की ओर एक लंबी छलांग रखा गया है।आयोजन की मुख्य विशेषताएंडॉ. दुबे ने बताया कि साइंस कॉन्क्लेव में 3,000 से अधिक छात्रों के शामिल होने की उम्मीद। छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों और विद्वानों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञ व्याख्यान, इंटरैक्टिव सत्र और प्रदर्शनों के माध्यम से शोध के नए रुझानों की जानकारी दी जाएगी।वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकाससंगठन सचिव डॉ. संगीता सैनी ने कहा कि यह कॉन्क्लेव छात्रों को वैज्ञानिक स्वभाव, आलोचनात्मक सोच और नवाचार के प्रति प्रेरित करेगा। यह मंच छात्रों को बुनियादी विज्ञान में उपलब्ध विविध करियर पथों और शैक्षणिक कार्यक्रमों को समझने में मदद करेगा।इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तिब्रोशर विमोचन के दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल, प्रो. राकेश कुमार (अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले), प्रो. विनोद कुमार (डीन, विज्ञान संकाय), प्रो. अनीता भटनागर, प्रो. सुमन महेंद्रिया (सह-संयोजक), डॉ. विनीता भांकर और डॉ. जितेंद्र भारद्वाज शामिल थे।सीएम नायब सिंह सैनी ने ज्ञान सेतु एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम में नीव पोर्टल किया लॉन्चज्ञान सेतु पहल और नीव पोर्टल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदमः प्रो. सोमनाथ सचदेवाज्ञान सेतु पहल के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भी हुआ शामिलकुरुक्षेत्र, 09 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित ज्ञान सेतु एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम में नीव पोर्टल का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भी प्रमुख रूप से शामिल रहा।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा दी है। किसी भी नीति की सफलता उसके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से नीव पोर्टल को विकसित किया गया है। यह एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करेगा।एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार उपस्थित रहे और उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस पहल पर बधाई देते हुए कहा कि ज्ञान सेतु पहल और नीव पोर्टल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सभी मानकों के साथ लागू किया है और विश्वविद्यालय नैक द्वारा ए-प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त संस्थान है।कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एसजेएचआईएफएम के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को शासन, नीति निर्माण और सामाजिक विकास से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और छात्र प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।बाक्सज्ञान सेतु पहल का उद्देश्यज्ञान सेतु पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बीच हुए समझौतों का उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है। इससे शोध को व्यवहारिक स्वरूप मिलेगा और छात्रों को इंटर्नशिप व फील्ड इंगेजमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।