स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति और रामायण मंचन ने पंचकूला में बांधा समां
एनडी हिन्दुस्तान
महोत्सव परिसर में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पूर्ण रूप से स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री हो रही है। आयुर्वेदिक उत्पाद, हस्तशिल्प, स्वदेशी वस्त्र, घरेलू उपयोग का सामान और पारंपरिक खानपान लोगों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य देशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने की प्रेरणा देना है।
*सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन ने बढ़ाई रौनक*
महोत्सव में आयोजित बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता ने युवाओं में खासा उत्साह भर दिया, वहीं बच्चों और बड़ों के लिए प्रस्तुत जादू शो ने सभी को रोमांचित कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। इसके साथ ही कच्ची घोड़ी नृत्य, योग प्रदर्शन और अन्य लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारतीय लोक परंपराओं की जीवंत झलक पेश की। सांस्कृतिक संध्या के दौरान हरियाणवी संस्कृति, लोकगीतों और देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
‘जड़ से जुड़ो’ संस्था द्वारा रामायण मंचन बना विशेष आकर्षण
शाम के समय ‘जड़ से जुड़ो’ संस्था द्वारा प्रस्तुत रामायण मंचन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा। भगवान राम के आदर्शों, मर्यादा और संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते इस मंचन को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। मंचन के दौरान पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा और लोगों ने कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके अलावा कई अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों से खूब वाहवाही लूटी।
*निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में उमड़ी भीड़*
स्वदेशी महोत्सव के अंतर्गत लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में अनुभवी डॉक्टरों की टीम द्वारा रक्तचाप, शुगर और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। सैकड़ों लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया।
इस अवसर पर राजेश गोयल ने कहा, “स्वदेशी महोत्सव समाज को स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित कर रहा है। ऐसे स्वास्थ्य जांच शिविर लोगों को समय रहते सजग करते हैं और गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक सिद्ध होते हैं।”
*पारंपरिक खेलों में दिखा युवाओं का जोश*
महोत्सव में आयोजित घुड़सवारी प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खास आकर्षण रही। प्रतिभागियों ने घोड़ों के साथ संतुलन, साहस और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
वहीं कबड्डी प्रतियोगिता में युवाओं का जोश देखते ही बनता था। रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों की रुचि को और मजबूत किया।
स्वदेशी सोच को मिल रहा व्यापक समर्थन
इस मौके पर रजनीश गर्ग ने कहा,“स्वदेशी महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और हमारी संस्कृति सुरक्षित रहती है। यह आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रहा है।”
कुल मिलाकर, स्वदेशी महोत्सव–2025 स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, धर्म और स्वदेशी विचारधारा का एक प्रभावी मंच बनकर उभरा है, जो लोगों के मन में देश के प्रति गर्व, संस्कार और स्वदेशी अपनाने की भावना को लगातार मजबूत कर रहा है।