पीएमश्री विद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर सम्पन्न
एनडी हिन्दुस्तान
नीलोखेड़ी/ करनाल। राष्ट्रीय सेवा योजना का गठन वर्ष 1969 में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था। एनएसएस का मूल मंत्र “मैं नहीं, आप” है, जो समाज के प्रति सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना विकसित करता है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नीलोखेड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। विद्यालय की प्रधानाचार्या रजनी वर्मा, जिला समन्वयक एनएसएस सुभा सिंह तथा एनएसएस अधिकारी श्री महेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि डॉ. चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय योजना शिविर के विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामूहिक कार्य संस्कृति को मजबूत करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्यनिष्ठ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब युवा पीढ़ी शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाए। उन्होंने शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी सेवा भाव से जुड़े रहने का संदेश दिया।डॉ. चौहान ने चार साहिबज़ादों के महान बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की अनुपम मिसाल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ऐसे महान बलिदानों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें।समारोह के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं एनएसएस गतिविधियों की झलक ने सभी उपस्थित जनों को प्रभावित किया। शिविर के दौरान किए गए सामाजिक कार्यों, जागरूकता अभियानों एवं अनुशासन पूर्ण गतिविधियों की व्यापक प्रशंसा की गई।इस अवसर पर विजय कुमार,अंग्रेज़ी अध्यापक, बलराज ,लिपिक ,प्रीति लाल,पीजीटी जीवविज्ञान, पत्रकार पवन कुमार, मुलख राज, राजेंद्र मिड्ढा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक गण, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।