एनडी हिन्दुस्तान
यमुनानगर।अक्सर बच्चे अनजान पर भरोसा कर लेते है ऐसे में बच्चे लैंगिक अपराधों का शिकार हो जाते है। इन घटनाओं पर लगाम केवल सावधानी और जागरूकता से संभव है ऐसे महिला एवं बाल विकास के मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों को एक सांप सीढ़ी के माध्यम से पोक्सो अधिनियम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ये सांप सीढ़ी इस तरह से बनाई गयी है जिसमे बच्चे खेल-खेल के माध्यम से पोक्सो अधिनियम को आसानी से समझ सकते है।जिला बाल संरक्षण इकाई से आँचल त्यागी और मुकेश कंसल ने बताया की बच्चे को जितना अलग तरीके से समझाया जाए समझने में उतनी ज्यादा रूचि उत्पन्न होती है। बच्चों के लिए पोक्सो अधिनियम की जानकारी जरूरी है क्योंकि यह कानून उन्हें यौन शोषण, उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाया गया है, जो 18 साल से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से बचाता है, अच्छे-बुरे स्पर्श का अंतर सिखाता है और शिकायत करने के लिए सुरक्षित तरीके जैसे पोक्सो ई-बॉक्स बताता है जिससे बच्चों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा ने बताया एक बच्चे को 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के रूप में परिभाषित करके, यह अधिनियम लिंग के आधार पर बाल यौन शोषण के अपराधियों के बीच भेद नहीं करता। मिशन वात्सल्य के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई की और से स्कूली बच्चों शिक्षकों परिजनों और जनसामान्य को शिविरों, डिजिटल डिस्प्ले बोर्डों, परमानेंट बोर्ड के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।