Home Chandigarh इंदिरा गांधी ने अपने स्वार्थ के लिए बदली एक राष्ट्र – एक चुनाव की नीति: धनखड़

इंदिरा गांधी ने अपने स्वार्थ के लिए बदली एक राष्ट्र – एक चुनाव की नीति: धनखड़

by ND HINDUSTAN
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पीएम मोदी जी के नेतृत्व में सभी भारतीय चाहते हैं देश में एक राष्ट्र -एक चुनाव की प्रकिया दोबारा शुरू हो

धनखड़ ने सूरत में कपड़ा व्यापारियों द्वारा एक राष्ट्र -एक चुनाव के पक्ष में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने स्वार्थ के लिए वर्ष 1970 में लोकसभा को समय से 15 महीने पहले भंग करवा दिया और 1971 में ही आम चुनाव करवा दिए, जो कि 1972 में होने चाहिए थे। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने बतौर मुख अतिथि सूरत में कपड़ा व्यापारियों द्वारा आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार उस समय अल्पमत में थी। धनखड़ ने आगे कहा कि 1971 के बाद पांच वर्ष बाद 1976 में चुनाव होने चाहिए थे,लेकिन इंदिरा गांधी ने फिर अपने स्वार्थ के लिए एक वर्ष बाद 1977 में लोकसभा के आम चुनाव कराए। इससे कई राज्यों में चुनावी चक्र बदल गया। उन्होंने इस दौरान देश में आपातकाल लागू कर कई राज्यों की सरकारों को मनमाने ढंग से बर्खास्त किया । इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव की नीति बदल दी। देश की जनता जनार्दन ने उनकी जनभावना विरोधी नीति का जमकर विरोध किया। इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान देश के हित की बात करने वालों को जेलों में डाला और असहनीय यातनाएं दी।भाजपा राष्ट्रीय सचिव श्री धनखड़ ने कहा कि आप सभी व्यापारी हैं और देश की आर्थिक प्रगति में आपका बड़ा योगदान रहा है। आप जैसे मेहनती लोगों की वजह से आज भारत अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को अब हर भारतीय ने अपना सपना मान लिया है। एक राष्ट्र एक चुनाव हर भारतीय के सपने को और तेज गति प्रदान करेगा। धनखड़ ने कहा कि रामनाथ कोविंद कमेटी का अनुमान है कि देश में चुनावों पर चार लाख करोड़ से सात लाख करोड़ रूपये खर्च होते हैं। यदि एक साथ चुनाव हो तो लगभग एक तिहाई धन की बचत हो सकती है यानी डेढ़ लाख करोड़ रूपये। कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक की धनराशि। यह बचत राशि तेजी से देश के विकास का इंजन बन सकती है।धनखड़ ने कहा कि मोदी जी के संकल्प के साथ देश के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षा है कि भारत विकसित राष्ट्र बने। इसके लिए जरूरी है कि विकास में अवरोधों को दूर करना। देश में बार बार चुनाव होने से आचार संहिता के कारण लगभग 80 दिन बाधित होते हैं। विधान सभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होने से 40 कार्य दिवस अतिरिक्त मिलेंगे। वर्तमान में हमारी अर्थव्यवस्था की गति एक लाख करोड़ रूपये प्रतिदिन है। यदि चुनाव आचार संहिता का 20 प्रतिशत असर भी पड़े तो प्रतिदिन 20 हजार करोड़ रूपये की विकास गति धीमी पड़ जाती है। कुल 40 दिनों की आचार संहिता का यह आंकड़ा आठ लाख करोड़ रूपये तक पहुंचता है। जो देश की आर्थिक प्रगति में अवरोध है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्री धनखड़ ने कहा कि पांच वर्ष में एक बार चुनाव देश की राजनीति में स्थिरता पैदा करेंगे। जो लोकतंत्र में विकास की गारंटी है। उन्होंने कहा कि आप सभी उद्यमी है अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से समझते हैं। आप सभी जानते हैं बार बार आचार संहिता के कारण विकास कार्य बाधित होते हैं।धनखड़ ने जोर देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था देश की प्रगति का इंजन है। विकसित भारत मोदी जी का संकल्प और हर भारतीय सपना है। एक राष्ट्र, -एक चुनाव इसका एक प्रबल माध्यम है।सूरत पहुंचने पर डॉ. प्रशांत कोरट महासचिव भाजपा गुजरात, परेश पटेल अध्यक्ष भाजपा सूरत, किशोर बिंदल जनरल सेक्रेटरी, घनश्याम इटालिया ‘कालुभाई भीमनाथ’, महापौर दक्षेश मावणी , उपमहापौर डॉ. नरेंद्र पाटिल, कैलाश हकीम ने भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ का जोरदार स्वागत किया। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशन्स तथा साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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