3 अप्रैल को रिहर्सल अनिवार्य, अनुपस्थित रहने पर नहीं मिलेगा प्रवेश
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का 35 वां वार्षिक दीक्षांत समारोह 4 अप्रैल 2026 को प्रातः 10.00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्रीमद्भगवद्गीता सदन (ऑडिटोरियम) में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामय समारोह में वर्ष 2024-25 के करीब 3 हजार विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। यह समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम, समर्पण और सफलता का उत्सव है। कार्यक्रम में राज्य के उच्च पदस्थ गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है, जो इस आयोजन को और अधिक विशेष बनाएगी।रिहर्सल अनिवार्य, अनुपस्थित रहने पर नहीं मिलेगा प्रवेशदीक्षांत समारोह से एक दिन पूर्व 3 अप्रैल 2026 को दोपहर 3.00 बजे अनिवार्य रिहर्सल आयोजित की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों के लिए इसमें भाग लेना आवश्यक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिहर्सल में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को मुख्य समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।30 मार्च तक करना होगा ऑनलाइन पंजीकरणसमारोह में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को 30 मार्च 2026 तक विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल http://iums.kuk.ac.in/asdEventPublicUserMaster.htm?eventID=35 पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी अपने-अपने विभागों से विश्वविद्यालय का आधिकारिक स्टोल प्राप्त करेंगे।ड्रेस कोड और स्टोल के रंग तयसमारोह की गरिमा बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया हैः पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा या सफेद शर्ट-पैंट, साथ में काले जूते/सैंडल तथा महिलाओं के लिएरू क्रीम रंग की साड़ी (गोल्डन बॉर्डर सहित) या सफेद सलवार-कमीज, साथ में काले जूते/सैंडलडिग्री के अनुसार स्टोल के रंग भी निर्धारित किए गए हैंपीएचडी विद्यार्थियों के लिए नेवी ब्लू, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए ऑरेंज तथा स्नातक विद्यार्थियों के लिए ग्रीन स्टोल निर्धारित किए गए हैं।दीक्षांत समारोह के दिन सख्त दिशा-निर्देशअभ्यर्थियों को 9.30 बजे तक अपनी निर्धारित सीट पर बैठना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखना, मोबाइल फोन साइलेंट मोड पर रखना और अनावश्यक आवाजाही से बचना जरूरी होगा। समारोह के दौरान मोबाइल/कैमरा उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा तथा कार्यक्रम समाप्त होने से पहले किसी भी अभ्यर्थी को सभागार छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।डिग्री वितरण की विशेष व्यवस्थापीएचडी धारकों को मंच पर बुलाकर कुलाधिपति द्वारा उपाधि प्रदान की जाएगी, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को उनकी सीट पर ही डिग्री वितरित की जाएगी। डिग्री प्राप्त करने के बाद कुलाधिपति/कुलपति को नमन करना अनिवार्य होगा।अनुपस्थित अभ्यर्थियों के लिए भी व्यवस्थाजो अभ्यर्थी समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर बाद में अपनी डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।