लोकसभा-विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम : प्रतिभा सुमन
महिला नेतृत्व वाला विकास ही ‘विकसित भारत-2047’ की नींवः प्रतिभा सुमन
अब केवल लाभार्थी नहीं शासन की धुरी बनेंगी महिलाएंः भाजपा नेत्री
एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक है, जो महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनने की दिशा में सशक्त करेगा। प्रतिभा सुमन शनिवार को कैनाल रेस्ट हाउस, रोहतक में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मेयर एवं प्रदेश सचिव रेनू डावला, एडवोकेट अनिता बुधवार और जिला उपाध्यक्ष वीना सिक्का सहित अन्य महिला पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं।प्रतिभा सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक संशोधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आधार है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण अब केवल समानता या प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है। उन्होंने वैश्विक शोध का हवाला देते हुए कहा कि यदि लैंगिक असमानता को कम किया जाए तो विश्व अर्थव्यवस्था में लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि संभव है।उन्होंने पिछले दशक में महिलाओं के जीवन में आए बदलावों को आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 32.29 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे वित्तीय समावेशन को नई दिशा मिली। मुद्रा योजना के अंतर्गत 68-69 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए, जबकि स्टैंड-अप इंडिया योजना के 84 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जो उनकी आर्थिक भागीदारी को मजबूत करता है।प्रतिभा सुमन ने ग्रामीण क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 72 प्रतिशत घरों का स्वामित्व महिलाओं को मिलने से उन्हें सामाजिक सम्मान और सुरक्षा मिली है। वहीं ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के कारण माध्यमिक शिक्षा स्तर पर लड़कियों का नामांकन बढ़कर 80.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है।पंचायती राज संस्थाओं का उल्लेख करते हुए प्रतिभा सुमन ने कहा कि आज देश में लगभग 14.5 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो कुल संख्या का 46 प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर महिलाओं ने पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर उत्कृष्ट कार्य कर अपनी नेतृत्व क्षमता सिद्ध की है। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं में भी देखने को मिलेगा।हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन ने बताया कि वर्ष 1952 में लोकसभा में केवल 22 महिलाएं थीं, जो 2024 में बढ़कर 75 हो गई हैं, जबकि राज्यसभा में महिलाओं की भागीदारी 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। हालांकि यह प्रगति सराहनीय है, लेकिन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाई देगा।स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की चर्चा करते हुए प्रतिभा सुमन ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जिससे महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली। जल जीवन मिशन के माध्यम से 14.45 करोड़ घरों तक नल का जल पहुंचाने से महिलाओं के दैनिक श्रम में कमी आई है। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 4.27 करोड़ महिलाओं को पोषण सहायता प्रदान की गई, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का दृष्टिकोण ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ का है। ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं महिलाओं को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भारत को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और देश के लोकतंत्र को और अधिक समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएगा।