न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रूसा 2.0 के तहत स्थापित सेंटर फार कंटीन्यूइंग एजुकेशन के सहयोग से महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा भोजन, पोषण, स्वास्थ्य तथा महिलाओं की सेहत पर ऑनलाइन स्किल प्रशिक्षण कार्यशाला का गुरूवार को शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को महिलाओं के स्वास्थ्य, सेहत, भोजन एवं पोषण संबंधी विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया जायेगा ताकि वे स्वयं भोजन एवं पोषण से जुड़े प्रशिक्षक या स्वास्थ्य सलाहकार बनने की कुशलता अर्जित कर सकें।
कार्यशाला का प्रारम्भ करते हुए महिला अध्ययन शोध केन्द्र की निदेशिका प्रो. सुदेश ने कहा कि हम सबके जीवन में अच्छे स्वास्थ्य, संतुलित भोजन का बहुत महत्व है। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल छात्रांए स्वास्थ्य की मूलभूत जानकारी हासिल कर पाएंगी बल्कि दूसरों को भी अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जानकार बना पायेंगी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रूसा 2.0 की नोडल आफिसर एवं डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. मंजूला चौधरी ने कहा इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य उन पाठ्य विषयों को छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराना है जो नियमित पाठ्यक्रमों में शामिल नहीं है। आज नये-नये विषयों पर चर्चा हो रही हैं जैसे कि वेलनेस टूरिज्म। यह विषय आज समय की मांग है। सेहत भी एक ऐसा ही विषय है। आज कोविड 19 के समय में अच्छी सेहत तथा बेहतर इम्यूनिटी की सभी जगह चर्चा हो रही है। अतः यह विषय आज के समय में बहुत सार्थक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य महिलाएं ही स्वस्थ्य भारत का निर्माण कर सकती है।
सेंटर फार कंटीन्यूइंग एजुकेशन के कोडिनेटर प्रो. सुरजीत बूरा ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य किसी भी पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है जबकि यह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। अतः इस विषय पर प्रशिक्षण दिया जाना बहुत आवश्यक है। ग्रामीण महिलाएं स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगा।
इस कार्यशाला में कुल तीस घंटों में स्वास्थ्य, भोजन तथा पोषण आदि विषयों पर प्रशिक्षण गृह-विज्ञान विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से रिटायर्ड एवं निदेशिका यूरल आर्गेनिक्स प्रो. विनती डावर, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के फूड एवं न्यूट्रीशियन विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. बलविंदर सदाना तथा सेंट बीड्स कॉलेज शिमला की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका डॉ. अंजली दिवान द्वारा प्रदान किया जायेगा।