एनडी हिन्दुस्तान
यमुनानगर। उपायुक्त प्रीति ने वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि कलेसर वन्यजीव अभयारण्य की क्षेत्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य ईएसजेड में मानव रहित गतिविधियों के अभयारण्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने और वन क्षेत्र में स्थित गांवों के लोगों की आजीविका विकल्पों से जुड़े मुद्दों से संबंधित दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेसर नेशनल पार्क एवं वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विकास हेतु तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में पर्यटन, वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि कलेसर नेशनल पार्क एवं वाइल्ड लाइफ सेंचुरी प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान में जंगल और वन्य जीवों के प्राकृतिक वातावरण को किसी प्रकार की हानि न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि कलेसर आरक्षित वन क्षेत्र में लगभग 31 गांव शामिल है और इन सभी गांवों का संतुलित विकास करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्र में प्राकृतिक फार्मिंग की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। सोलर रूफ टॉप के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट कम होगा तथा धन की बचत होने के साथ-साथ ग्रीन टैक्रांलाजी को बढावा दिया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने, ट्रैकिंग रूट, सूचना केंद्र, पार्किंग व्यवस्था तथा स्वच्छता प्रबंधन को बेहतर बनाने के सुझावों पर विचार किया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए गाइड, सुरक्षा एवं पर्यटन गतिविधियों में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण आज की आवश्यकता है। नोटिफिकेशन की हिदायतों के अनुसार आरक्षित जोन का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल से हम सभी को संबंधित कार्यों की जानकारी मिलती है और सेनसेटिव क्षेत्र को चिन्हित कर संबंधित विभाग क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दें। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान को निर्धारित समय सीमा में तैयार कर सरकार को भेजा जाए, ताकि आगामी कार्यवाही शीघ्र शुरू की जा सके।
इस अवसर पर जिला वन अधिकारी संदीप सैनी, डीटीपी राजेश कुमार, पूर्व जिला वन अधिकारी राजेश गुलिया, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहें।