by ND HINDUSTAN
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रेनु भाटिया स्पष्ट करें कि वो महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्षम नहीं थी या राज्य सरकार उनका सहयोग नहीं कर रही थी – दीपेन्द्र हुड्डा · नायब सरकार की फेल कानून व्यवस्था में अपराधियों के हौसले बुलंद, सरकार पूरी तरह बेबस– दीपेन्द्र हुड्डा· अपराधी खुलेआम घूम रहे, पीड़ित न्याय के लिए तरस रहे – दीपेन्द्र हुड्डा· NCRB रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में आरोप-पत्र दाखिल करने की दर देश में सबसे कम – दीपेन्द्र हुड्डा चंडीगढ़, 11 जून। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज कहा कि हरियाणा में महिलाओं पर अत्याचार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया का इस्तीफा इस बात की ओर इशारा करता है कि महिलाओं को न्याय दिलाने में चेयरपर्सन सक्षम नहीं थी या राज्य सरकार उनका सहयोग नहीं कर रही थी। उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट के हवाले से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में हरियाणा नंबर 1 पर है। राज्य की बीजेपी सरकार अपराध रोकने में ही नहीं, अपराधियों को सजा दिलाने में भी नाकाम साबित हुई है। NCRB रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में आरोप-पत्र दाखिल करने की दर देश में सबसे कम है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित न्याय के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हरियाणा में मजबूत विपक्ष है और आम जनहित से जुड़े हर सवाल का जवाब लेकर रहेंगे। दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक विफलता, फेल हो चुके सरकारी तंत्र और राज्य महिला आयोग की विफलताओं का आईना चेयरपर्सन रेणू भाटिया को दिखाया और सीधे, स्पष्ट व तीखे सवाल किए तो महिला आयोग की चेयरपर्सन को मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की कानून-व्यवस्था यूपी, बिहार से भी बदतर हालत में पहुंच गई है। NCRB रिपोर्ट बताती है कि 3.03 करोड़ आबादी वाले हरियाणा में हर रोज 3 हत्या, 5 बलात्कार, 11 अपहरण के मामले दर्ज हुए। हरियाणा देश में सबसे ऊँची अपराध दर वाले राज्यों में शामिल है। दीपेन्द्र हुड्डा ने आगे कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ कुल 15,758 अपराध के मामले मामले दर्ज हुए। इनमें 1,772 बलात्कार, 131 गैंगरेप, 207 दहेज हत्याएँ हैं, लेकिन सज़ा दर सिर्फ 13.6% रही जो बेहद चिंताजनक है। क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर रोज बलात्कार के 5 केस दर्ज होते हैं। बलात्कार के मामले में हरियाणा में अपराध दर 12.4 है, जो राष्ट्रीय औसत 4.3 से काफ़ी ज़्यादा है। महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में आरोप-पत्र दाखिल करने की दर देश में सबसे कम यानी सिर्फ़ 56% है, जो राष्ट्रीय औसत 77.9% से काफ़ी कम है। दीपेन्द्र हुड्डा ने एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध तेजी से बढ़ा है। अपराधी इस कदर बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े होने वाली वारदात के मामले में हरियाणा देश में दूसरे नंबर पर है। उन्होंने आज ही हांसी में जिम संचालक की सरेआम गोलियां मारकर हत्या और गोली लगने से एक युवती के घायल होने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि नायब सरकार की फेल कानून व्यवस्था में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार पूरी तरह बेबस है। लोग डर के साये में जी रहे हैं और अपराधियों को मजबूरन फिरौती तक दे रहे है।

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