Home Kurukshetra News राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थियों को मिलेंगे वैश्विक अवसरः प्रो. राकेश कुमार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थियों को मिलेंगे वैश्विक अवसरः प्रो. राकेश कुमार

by ND HINDUSTAN
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केयूके पॉडकास्ट में डीन एकेडमिक अफेयर्स ने साझा किया केयू का विजन

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित विशेष केयूके पॉडकास्ट श्रृंखला की शुरुआत की गई जिसके अंतर्गत गुरुवार को विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार के साथ एक विशेष संवाद आयोजित किया गया। इस पॉडकास्ट में शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020), शोध एवं नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।पॉडकास्ट के दौरान प्रो. राकेश कुमार ने अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक शिक्षक और शोधकर्ता के रूप में उनकी यात्रा ने उन्हें यह सिखाया है कि नेतृत्व का मूल उद्देश्य केवल दिशा देना नहीं, बल्कि टीम के प्रत्येक सदस्य की क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को समय की मांग के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा, कौशल आधारित पाठ्यक्रमों तथा रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय में अकादमिक लचीलापन, क्रेडिट आधारित प्रणाली, उद्योगों से जुड़ी शिक्षा तथा तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।शोध और नवाचार के विषय पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति को मजबूत बनाने, उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों से जोड़ने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध ही किसी विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान का आधार बनता है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि एआई को युवाओं को चुनौती नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही विद्यार्थी सफल होंगे जो तकनीक को अपनाने के साथ-साथ रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान और संचार कौशल जैसे मानवीय गुणों को भी विकसित करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कौशलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। डिजिटल दक्षता, डेटा विश्लेषण, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, नवाचार की सोच और जीवन पर्यंत सीखते रहने की प्रवृत्ति सफलता की कुंजी हैं।प्रो. राकेश कुमार ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया को विद्यार्थियों का उत्साहजनक रुझान देखने को मिल रहा है। विभिन्न पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए अब तक 27 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। वहीं अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के लिए 4 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो विद्यार्थियों के बीच व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय लगातार अधोसंरचना को सुदृढ़ कर रहा है। इसी दिशा में विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 200 अत्याधुनिक मशीनें एवं उपकरण खरीदे गए हैं। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण और शोध कार्यों में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।विश्वविद्यालय में डिजिटल सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा, परिणाम, छात्र सेवाओं तथा प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को समयबद्ध और सुगम सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। नैक मूल्यांकन में विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, बेहतर अधोसंरचना, समर्पित शिक्षक तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियां इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।पॉडकास्ट के अंत में विद्यार्थियों को संदेश देते हुए प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को सीखने, नवाचार को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविदों और प्रशासकों के अनुभव विद्यार्थियों तक पहुंचाना संस्थान की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पॉडकास्ट विद्यार्थियों को शिक्षा, शोध, नवाचार तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर नई सोच प्रदान करेगा।इस अवसर पर डॉ. अभिनव, डॉ. सतीश राणा, नरेश कुमार, ज्योति, लक्ष्य व रजत मौजूद रहे।

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