इनमें से कुलपति 8 विद्यार्थियों को पीएचडी करवाएंगे, जबकि कुलसचिव डॉ अनिल शर्मा 4 को, प्रोक्टर डॉ बलबीर संधू 8 को
कार्यक्रम के दौरान देश के करीब 12 राज्यों के 51 पीएचडी पंजीकृत विद्यार्थियों ने भाग लिया
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलपति डॉ बलदेव कुमार ने कहा कि अनुसंधान को हमें स्वकेंद्रित न रखकर, रोजगारपरक बनाने पर बल देना होगा, ताकि इस दिशा में युवाओं का रुझान बढ़ सके। कुलपति आज विश्वविद्यालय में ऑनलाइन आयोजित प्री पीएचडी कोर्स इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान नव पंजीकृत पीएचडी विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें डिग्रियां धारण करके जॉब सीकर न बन कर जॉब प्रोवाइडर बनने का प्रयास करना होगा। इस कार्यक्रम के दौरान देश के करीब 12 राज्यों के 51 पीएचडी पंजीकृत विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इन 51 विद्यार्थियों में 18 इंटरनल तथा 33 विद्यार्थी दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश, हिमाचल, उड़ीसा सहित देश के विभिन्न प्रदेशों से शामिल हुए हैं। डॉ बलदेव ने कहा कि पीएचडी के लिए पंजीकृत विद्यार्थियों को यूजीसी के निर्देशानुसार 6 माह का वर्ककोर्स पास करना होगा। इस प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों का परिचय करवाया गया।
इनमें से कुलपति 8 विद्यार्थियों को पीएचडी करवाएंगे, जबकि कुलसचिव डॉ अनिल शर्मा 4 को, प्रोक्टर डॉ बलबीर संधू 8 को, डीन डॉ आशीष मेहता 4, डॉ श्रीनिवास गुर्जरवार 4 को, डॉ दीप्ती परासर 4 को, डॉ सीमा रानी 4 को, डॉ राका जैन 4 को, डॉ आशु विनायक 4 को, डॉ राजेन्द्र सिंह 3 को तथा डॉ अमित कटारिया 3 विद्यार्थियों को पीएचडी करवाएंगे। इस दौरान डॉ रजनीकांत ने इस दौरान बोलते हुए कहा कि आयुर्वेदिक दवाईयों के द्रव्य क्षेत्र की संभावनाओ को तलाशने पर बल देना चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन पीएचडी शाखा की संयोजक डॉक्टर दीप्ति मेहता ने किया तथा विश्वविद्यालय अनेक प्राध्यापक उपस्थित थे।