गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया
17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक सूची में शामिल
सभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर से सक्रिय
घुसपैठ, आतंकी हमले, हथियारों की तस्करी और भर्ती के आरोप
सरकार ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगा
राजेश शांडिल्य
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आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत 23 और व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत की है। घोषित आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं। सरकार के अनुसार सभी वर्तमान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार देश और देशवासियों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे संगठनों और उनसे जुडे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेंगी।
गृह मंत्रालय के अनुसार घोषित आतंकवादी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों की साजिश, सीमा पार घुसपैठ, हथियार और गोला बारूद की तस्करी, आतंकवाद के लिए धन जुटाने, युवाओं की भर्ती और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की मदद करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। सरकार का कहना है कि इनमें से कई लोग पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर से भारत में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
सरकार का मानना है कि इन व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने से उनके आर्थिक स्रोत, धन जुटाने के तंत्र, आवाजाही, भर्ती अभियान और आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही देश और विदेश की सुरक्षा तथा जांच एजेंसियों को इनके खिलाफ कानूनी और समन्वित कार्रवाई करने में अधिक मजबूती मिलेगी। इससे आतंकवाद के पूरे तंत्र पर दबाव बढेगा और उसके संचालन को कमजोर करने में सहायता मिलेगी।
गृह मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2019 में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम में संशोधन के बाद किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू किया गया था। इस संशोधन के बाद अब तक कुल 57 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति स्पष्ट है और देश की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- मसूद इलियास कश्मीरी, मुफ्ती मसूद इलियास, मसूद इलियास, अबु मोहम्मद, एम. मसूद इलियास
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद से जुडा आतंकी है। मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता है। कश्मीर में घुसपैठ कराने, सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती और आतंक के लिए धन जुटाने में सक्रिय रहा। अप्रैल 2022 में जम्मू के संजवान में नाका पार्टी पर हुए हमले में उसकी भूमिका बताई गई है। - मोहम्मद मुसादिक, डॉक्टर, अब्दुल मनन, सज्जाद, हमजा, वाहिद खान
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद का लॉन्चिंग कमांडर है। सीमा पार सुरंगों के जरिये घुसपैठ कराने और ड्रोन से हथियार तथा गोला बारूद भारत भेजने में शामिल रहा। अयोध्या, नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय और पानीपत रिफाइनरी की रेकी करने का भी आरोप है। - मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, अबू साद, साद जिमी
पाकिस्तान का नागरिक और पीओके में जैश ए मोहम्मद का अमीर तथा सैन्य विंग का प्रमुख है। नगरोटा सेना शिविर हमले का प्रमुख साजिशकर्ता माना जाता है। मुजफ्फराबाद में आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी संचालित करता है। - हाफिज अब्दुल शकूर, कारी जर्रार
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद तथा हरकत उल मुजाहिदीन से जुडा है। सांबा कठुआ सेक्टर से आतंकियों की घुसपैठ कराने, आईएसआई के साथ समन्वय करने और आतंकी गतिविधियों का संचालन करने में सक्रिय रहा। जैश की शूरा परिषद का सदस्य भी है। - अब्दुल्ला जिहादी, शाहनवाज, अल हिजामा
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद का सदस्य है। उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ कराने, लॉन्चिंग कैंप चलाने और भारत विरोधी प्रचार फैलाने में शामिल रहा। कुपवाडा और बारामूला क्षेत्र के कई लॉन्चिंग कैंपों का संचालन करता था। - फिरदौस अहमद भट
भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में पाकिस्तान में रहकर लश्कर ए तैयबा के लिए काम कर रहा है। वर्ष 2018 में पाकिस्तान गया। विदेशी आतंकियों की घुसपैठ, हथियार उपलब्ध कराने और दक्षिण कश्मीर के युवाओं को आतंकवाद के लिए भर्ती करने में सक्रिय रहा। - गुलाम फरीद, गुलशन कुमार, फरीद
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद से जुडा है। वर्ष 2001 से 2005 तक पाकिस्तानी सेना में रहा। वर्ष 2008 में बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा, जम्मू से गिरफ्तार हुआ और वर्ष 2019 में पाकिस्तान भेज दिया गया। - हारून रशीद गनई, शुनू
भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में पाकिस्तान में रहकर लश्कर ए तैयबा से जुडा है। वर्ष 2018 में पाकिस्तान पहुंचकर संगठन में शामिल हुआ। कश्मीर के युवाओं की भर्ती और आतंकियों को हथियार तथा गोला बारूद उपलब्ध कराने में सक्रिय रहा। - बिलाल अहमद मीर, अहमद भाई
भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में मुजफ्फराबाद में सक्रिय है। लश्कर ए तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट से जुडा है। सीमा पार से युवाओं को आतंकवाद के लिए उकसाने तथा कश्मीर में हथियार, गोला बारूद और रसद पहुंचाने का नेटवर्क संचालित करता है। - आबिद कयूम लोन
भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में पीओके में सक्रिय है। लश्कर ए तैयबा से जुडा है। वर्ष 2020 में अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया और वापस नहीं लौटा। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाने, धन जुटाने तथा मादक पदार्थों की तस्करी के जरिये आतंक के वित्तपोषण में शामिल बताया गया है। - नजीर अहमद गुज्जर, अबू मनाजिल
भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में पाकिस्तान में रहकर लश्कर ए तैयबा से जुडा है। वर्ष 2006 में नियंत्रण रेखा पार कर पीओके पहुंचा। डोडा और किश्तवाड में युवाओं की भर्ती कराने तथा ड्रोन के जरिये सांबा और आरएस पुरा सेक्टर में हथियार और गोला बारूद भेजने का मुख्य संचालक रहा। - अब्दुल रऊफ, हाफिज अब्दुल रऊफ, हाफिज अब्दुल रौफ, हाफिज अब्दुर रौफ
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा, जमात उद दावा तथा फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन से जुडा है। वर्ष 1999 से संगठन का वरिष्ठ नेता है और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता है। धर्मार्थ संस्थाओं की आड में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन और समर्थन जुटाने में सक्रिय रहा। अमेरिका उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। - अशफाक अहमद, इशफाक अहमद
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद से जुडा है। वर्ष 2000 में संगठन में शामिल हुआ। बहावलपुर में संगठन के धार्मिक और चैरिटी विंग का प्रभारी रहा। पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले में इस्तेमाल हुए पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से उसका संबंध सामने आया था। - हाफिज खालिद वालीद, हाफिज खालिद नाइक, खालिद वालिद
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा तथा जमात उद दावा से जुडा है। हाफिज मोहम्मद सईद का दामाद और संगठन की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है। वर्ष 2016 के पम्पोर हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। अमेरिका ने वर्ष 2012 में उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। - मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना इमदाद, इमदाद भाई, मौलाना इमददुल्लाह
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद से जुडा है। संगठन के कैदी विंग और कानूनी मामलों का प्रमुख है। मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता है। वर्ष 2016 के पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले के दौरान आतंकियों के साथ समन्वय करने का आरोप है। - मौलाना सैफुल्लाह खालिद, वलियुल, मोहम्मद सलीम, वाजिद
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा तथा पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग से जुडा है। पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का महासचिव रह चुका है। लश्कर और जमात उद दावा के कई प्रमुख विंग का संचालन किया। वर्ष 2018 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। - मोहम्मद याकूब, अबू सुमामा, समामा इल्यास, वारिस अली
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा का ऑपरेशन कमांडर है। इस्लामाबाद से कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को धन, हथियार और रसद पहुंचाने का समन्वय करता है। उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज है। - मौलाना यूसुफ ताईबी, मोहम्मद यूसुफ
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा तथा जमात उद दावा का वरिष्ठ नेता है। संगठन के नियंत्रण और सुधार विंग से जुडा है। पहले कराची स्थित संगठन की संस्था का प्रभारी रहा और वर्तमान में लाहौर से धार्मिक गतिविधियों का संचालन करता है। - ओवैस फारूज, ओवैस अहमद मीर, ओवैस फारूज मीर
भारतीय मूल का आतंकी है और लश्कर ए तैयबा से जुडा है। वर्ष 2018 में पाकिस्तान पहुंचकर संगठन में शामिल हुआ। उसके खिलाफ एनआईए अदालत से उद्घोषणा आदेश जारी है। उसके परिवार का नाम मादक पदार्थ और आतंकी गतिविधियों से जुडे मामलों में भी सामने आया है। - कारी याकूब शेख, कारी मोहम्मद याकूब शेख, याकूब शेख, कारी शेख मुहम्मद याकूब, मोहम्मद याकूब
पाकिस्तान का नागरिक और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग तथा जमात उद दावा से जुडा है। संगठन की केंद्रीय दवाती टीम का सदस्य है। वर्ष 2018 में पाकिस्तान का चुनाव लडा और सऊदी अरब में संगठन के लिए धन जुटाने में सक्रिय रहा। अमेरिका उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। - राणा इफ्तिखार, राणा वलीद आतिफ, राणा इफ्तिखार हैदर, राणा इफ्तिखार अहमद, हैदर खान
पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर ए तैयबा तथा जमात उद दावा से जुडा है। हाफिज सईद का करीबी सहयोगी और कश्मीर अभियान का वित्तीय प्रबंधक माना जाता है। आतंकियों और उनके परिवारों के लिए काम करने वाले संगठनात्मक विंग का प्रभारी भी रहा। - वसीम नूर जाट, कारी वसीम
पाकिस्तान का नागरिक और जैश ए मोहम्मद का लॉन्चिंग कमांडर है। कोटली क्षेत्र से घुसपैठ और ड्रोन के माध्यम से हथियार भेजने का संचालन करता रहा। पहले भारत में गिरफ्तार हुआ और बाद में सजा पूरी होने पर पाकिस्तान भेज दिया गया। - मोहम्मद शहीद फैसल, उस्ताद, मुहांदीस, जाकिर
पाकिस्तान में सक्रिय भारतीय मूल का आतंकी है। लश्कर ए तैयबा, अल कायदा और आईएसआईएस से जुडा बताया गया है। बेंगलुरु और नांदेड आतंकी साजिश मामलों का मुख्य संचालक रहा। जांच एजेंसियों के अनुसार रामेश्वरम कैफे विस्फोट, मंगलुरु कुकर विस्फोट और अल हिंद आईएसआईएस मॉड्यूल से भी उसका संबंध रहा तथा वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती करता था।