Home haryana जायज मांगों के हनन के खिलाफ प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार: अनुबंधित शिक्षक

जायज मांगों के हनन के खिलाफ प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार: अनुबंधित शिक्षक

by ND HINDUSTAN
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विश्वविद्यालय की वित्तीय अनिमियताओं पर जांच बैठाये माननीय कुलपति: अनुबंधित शिक्षक 

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरूक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. बृजेश साहनी ने प्रेस के माध्यम से कहा था कि अनुबंधित शिक्षकों के विश्वविद्यालय कैंपस में अपने संवैधानिक न्यूनतम वेतनमान को लेकर कार्यअवधि में प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, अगर करते है तो उन पर कानूनी कार्रवाही की जायेगी। इस संदर्भ में अनुबधित शिक्षक (संख्या 172) कहना चाहते है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार देशभर में 800 से भी अधिक विश्वविद्यालय कैंपस है, जहां पर किसी न किसी तरह का प्रदर्शन होता है, क्या वे प्रदर्शन देररात्रि, कार्यअवधि के बाद होते है ? इसके साथ उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कैंपस में भूतकाल में हुए स्थाई शिक्षकों, सैल्फ फाइनेंस स्कीम के शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारियों व मैंस कर्मचारियों के प्रदर्शन क्या कार्यअवधि के बाद ही होते रहे है ? अगर होते रहे है तो हमें इस संबंध में जानकारियां उपलब्ध करवायें।

अनुबंधित शिक्षको ने संयुक्त रूप से कहा कि जहां तक प्रदर्शन करने का सवाल है उन्हें अपने जायज अधिकारों के हनन के खिलाफ प्रदर्शन का अधिकार भारतीय संविधान ने दिया है। उन्होंने कहा कि हम अनुबंधित शिक्षकों की न्यूनतम वेतनमान की मांग लंबित से लंबित हो चुकी है और विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा दिया गया आश्वासन भी लंबित से लंबित हो चुका है। कुलपति ने हमारे चयनित शिक्षक प्रतिनिधिमंडल से जिस तरह से वार्तालाप किया है उससे समस्त अनुबंधित शिक्षकों के सम्मान को ठेस पहुंची है और नौकरी से हटाने की धमकी ने भयभीत किया है जिसके प्रतिउत्तर में अनुबंधित शिक्षकों ने अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए एक संक्षिप्त अवधि में शांतिपूर्वक पैदल मार्ग किया है, कोई धरना व भूख हड़ताल नही की है।

अनुबंधित शिक्षक महज अपना लंबित न्यूनतम वेतनमान वर्षों से मांग रहे है जो उनका जायज हक है क्योंकि प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों में यह नियमित रूप से मिल रहा है। अनुबंधित शिक्षकों ने कहा कि हमारे लिए कुलपति व विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है,लेकिन साथ ही उन्हें अनुबंधित शिक्षको के सम्मान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि दोनों का समान उदेश्य समाज को अपने विद्यार्थियों के माध्यम से समृद्ध करना है जिससे वे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अपना बहुमूल्य योगदान दें सके। अनुबंधित शिक्षकों ने कहा कि हम कुलपति द्वारा हमारे लिए न्यूनतम वेतनमान देने के संबंध किये जा रहे भरकस प्रयास का आभार प्रकट करतें है, साथ ही उनका ध्यान विश्वविद्यालय में उनसे पूर्व हुई वित्तीय अनियमिताओं पर भी दिलाना चाहते है जिसका संज्ञान प्रेस के माध्यम से समय-समय पर लिया गया है। अनुबंधित शिक्षक कुलपति व हरियाणा सरकार से मांग करते है कि बजट, बैंक फडीज़ और इवेटमेंट कमेटी की भी जांच करवाई जाये ताकि हमारा व विश्वविद्यालय के अनेक वेतनधारियों व पैंशनधारियों को प्राथमिक रूप से मानदेह को नियमित किया जा सके।

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