कोरोना के मरीजों का उपचार करने पर सरकार का मुख्य फोकस:मनोहर
आपातकालीन स्थिति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कुरुक्षेत्र जिले का ऑक्सीजन कोटा किया 6 मीट्रिक टन, सरकार ने सहायता के लिए बनाया 500 करोड़ का फंड
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र में कोरोना प्रबंधों पर की समीक्षा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के गंभीर मरीजों को सबसे पहले उपचार देकर उनकी जान को बचाने पर सरकार का फोकस है। इस वायरस से संक्रमित मरीजों के ईलाज में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं आने दी जा रही है और ना ही प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी है। सरकार ने ऑक्सीजन के वितरण का विशेष प्रबंधन किया है ताकि सभी अस्पतालों को निर्धारित कोटे के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति करवाई जाए।
इतना ही नहीं सरकार ने कोरोना में प्रयोग आने वाले यंत्रों और ऑक्सीजन प्लांट आदि स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए 500 करोड़ रुपए का विशेष फंड भी बनाया है। इस फंड से कोविड-19 से सम्बन्धित किसी भी उद्योग पर 1 साल के नि:शुल्क ब्याज पर लोन भी उपलब्ध करवाया जाएगा। अहम पहलु यह है कि कुरुक्षेत्र जिले का ऑक्सीजन कोटा 4 मीट्रिक टन से बढाकर 6 मीट्रिक टन कर दिया गया है और जरूरत पड़ी तो इस कोटे में और इजाफा भी कर सकती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को कुरुक्षेत्र सर्किट हाउस के प्रांगण में कोरोना मरीजों के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा को लेकर अधिकारियों की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधान सचिव जी अनुपमा व उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से आदेश मेडिकल कॉलेज, आरोग्य अस्पताल, बीएस हर्ट केयर, एलएनजेपी सहित पोर्टल पर रजिस्ट्रड 13 अस्पतालों में कोरोना मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, ऑक्सीजन गैस, अस्पतालों में बैड के साथ-साथ कोविड-19 से सम्बन्धित एक-एक व्यवस्था पर फीडबैक रिपोर्ट ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन इसके संक्रमण का प्रभाव आने वाले समय में कम भी होगा।
कोरोना के इस पीक समय पर सरकार कोरोना को हराने के लिए लड़ाई लड़ रही है, इसी उद्देश्य से हर जिले में जाकर कोरोना प्रबंधों को लेकर समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर गठित टीम के प्रत्येक सदस्य से बातचीत की जा रही है और जहां कहीं भी कमियां है उसको ठीक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है और ऑक्सीजन की सप्लाई की कठिनाई को दूर करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने आज ही बायॅ एयर ऑक्सीजन गैस के 6 कैंटर दूसरे राज्यों से मंगवाएं है।
सरकार ऑक्सीजन की कहीं भी कमी नहीं आने देगी और सभी जगहों पर तय कोटे के अनुसार ऑक्सीजन की सप्लाई स्थानीय प्रशासन के माध्यम से करवा रही है। उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कोरोना प्रंबधों के लेकर कई जिलों से अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भी मिल रही है, जिस पर सरकार द्वारा कार्रवाई की जा रही है, सरकार का किसी अधिकारी से कोई द्विवेष नहीं है केवल जनहित के लिए अधिकारियों को फटकार भी लगानी पड़ती है।
आज कठिन समय में सभी अधिकारियों को पूरी मेहनत, ईमानदारी के साथ एक टीम के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि अब प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का भी कोरोना टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया है, इसलिए सभी पत्रकार साथियों को भी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना चाहिए और मीडिया के सभी साथियों का वरीयता के आधार पर टीककरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि मरीजों को अपने निकटतम अस्पतालों में ईलाज करवाना चाहिए और जिन मरीजों को ऑक्सीजन लेवल 92 से ऊपर है उन मरीजों को घर में ही आईसोलेट होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के इस कठिन समय में सभी लोगों का पैसा कमाना उद्देश्य ना होकर सेवा करना उद्देश्य होना चाहिए। जो व्यक्ति ऐसे समय में पैसा कमाने के लिए दवाईयों, सिलेंडरों और अन्य पदार्थाे की कालाबाजारी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि प्रशासनिक अधिकारी आईएमए के साथ चर्चा करके निजी अस्पतालों में बैड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि स्वास्थ्य सेवाओं के दाम तय करें ताकि मरीजों को निर्धारित दरों पर निजी अस्पतालों में लाभ मिल सके और जो भी अस्पताल पैसा कमाने के उद्देश्य से निर्धारित दरों से ज्यादा मरीजों पर चार्ज करे उसके खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निजी एम्बुलेंस सेवाओं की भी न्यूनतम दरें तय करने के आदेश देते हुए कहा कि निजी एम्बुलेंस के भी प्रति किलोमीटर के हिसाब से रेट तय किए जाएं ताकि मरीजों को निर्धारित दरों पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो सके। जिन निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं है और नियमों पर खरा उतरता है उनकों प्रशासन पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाकर मरीजों का ईलाज करने की अनुमति भी प्रदान करे और जिन अस्पतालों में सुविधाएं नहीं है और मापदंड पूरा नहीं करता उन अस्पतालों को ईलाज करने की अनुमति ना दी जाए।
उन्होंने यह भी आदेश दिए कि जिला स्तर पर गठित टीमें नियमित रूप से अस्पतालों में जाकर ऑक्सीजन, बैड तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को ऑडिट कर सरकार को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड पैनल पर पंजीकृत अस्पतालों में निर्धारित बैड संख्या के आधार पर ही मरीजों को दाखिल करना चाहिए, अगर अस्पताल में पंजीकृत किए गए बैडों से भी ज्यादा की व्यवस्था है तो वह पोर्टल पर अपने बैडों की संख्या को बढ़वा सकता है।
सीएम ने कहा कि सभी का मकसद एक होना चाहिए कि कोरोना से संक्रमित मरीज का अच्छे से ईलाज हो सके और सेवा भाव से एक टीम के रूप में काम करें ताकि कोरोना के इस संकट से बाहर निकला जा सके। मुख्यमंत्री रविवार को टीवी पत्रकार स्वर्गीय रोहित सरदाना की मृत्यु पर शोक जताने के लिये उनके निवास स्थान कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। मौके पर सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक रामकरण काला, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव कृष्ण कुमार बेदी, प्रधान सचिव जी अनुपमा, सीआईडी प्रमुख आईपीएस अलोक मित्तल, उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, एडीसी प्रीति, एसडीएम अखिल पिलानी, सीईओ जिला परिषद अश्वनी मलिक, सीएमओ डा. सुखबीर सिंह, अंडर ट्रेनिंग आईएएस वैशाली सिंह व जया शारदा, भाजपा के जिला प्रधान राजकुमार सैनी, जजपा के जिला प्रधान कुलदीप जखवाला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।