Home haryana लॉकडाउन में पुजारी केवल आरती और भोग के लिए खोल रहे थे मंदिरों के द्वार

लॉकडाउन में पुजारी केवल आरती और भोग के लिए खोल रहे थे मंदिरों के द्वार

by ND HINDUSTAN
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सरकार की अनुमति के बाद भी कोरोना नियमों की जयराम विद्यापीठ में होगी पालना  

जयराम विद्यापीठ के मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले परन्तु नियमों के अनुसार होंगे दर्शन 

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। देश के विभिन्न राज्यों में संचालित जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के निर्देशानुसार सरकार के नियमों के अनुसार सोमवार से छूट मिलने के बाद चारो धाम, माता वैष्णों देवी गुफा व अन्य मंदिरों के द्वार फिर से खोल दिए गए हैं लेकिन नियमों के अनुसार ही निश्चित संख्या एवं नियमों की पालना करते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति होगी। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान जयराम विद्यापीठ में सभी मंदिर, माता वैष्णों देवी गुफा तथा चार धाम आम जनता के लिए बंद रहे हैं। विद्यापीठ में मंदिरों को खोलने से पहले नियमित सैनिटाइज किया गया है।

जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन की पालना करते हुए विद्यापीठ परिसर में सर्वकल्याण की भावना से तथा मानव समाज की कोरोना से मुक्ति की कामना से रोहित कौशिक एवं ब्रह्मचारियों द्वारा अभी भी नियमित अनुष्ठान के साथ रुद्राभिषेक किया जारी है। इस दौरान महामृत्युंज्य मंत्रों का जाप भी हो रहा है। परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के निर्देश हैं कि ऐसे समय में संपूर्ण मानव समाज की रक्षा के लिए अभी भी अतिरिक्त संयम बरतने की जरूरत है। कोरोना महामारी का यह कठिन समय संयम बरतने का है।

ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने विद्यापीठ के सभी ब्रह्मचारियों से कहा है कि इस विकट घड़ी से मुक्ति पाने के लिए परमात्मा से बार बार पूजन के माध्यम से अनुरोध करें। कोरोना के इस कठिन समय में हम एक बार नए सिरे से प्रकृति के सहचर बनें, इसके सजग प्रहरी बनें। नियमों की पालना करते हुए आमजन से भी अपील की गई है कि इस विकट घड़ी में कोरोना से बचाव करें तथा एक दूसरे का सहयोग करें।

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