Home haryana महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद के सान्निध्य में कल से कुरुक्षेत्र में शुरु होगी श्री अग्र भागवत कथा

महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद के सान्निध्य में कल से कुरुक्षेत्र में शुरु होगी श्री अग्र भागवत कथा

by ND HINDUSTAN
0 comment

महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद, उपायुक्त मुकुल कुमार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग करेंगे दीप प्रज्वलित 

श्री अग्र भागवत (पंचामृत) कथा का अग्रवाल धर्मशाला में 13 से 17 अगस्त तक आयोजन

कथा के शुभारम्भ से पूर्व 108 पवित्र कलशों के साथ निकलेगी भव्य शोभा यात्रा  


न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। भगवान श्री कृष्ण के श्री मुख से उत्पन्न हुई पावन गीता की जन्मस्थली एवं तीर्थों की संगम स्थली धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की रेलवे रोड़ धर्मशाला में भगवान श्री अग्रसेन महाराज की श्री अग्र भागवत (पंचामृत) कथा का 13 से 17 अगस्त तक अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा आयोजन किया जा रहा है। कथा के संयोजक एवं अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री खरैती लाल सिंगला ने बताया कि कथा का शुभारम्भ महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में कुरुक्षेत्र में पहली बार उत्तर भारत की अनोखी संगीतमय श्री अग्र भागवत कथा का शुभारम्भ होगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के साथ कुरुक्षेत्र के उपायुक्त मुकुल कुमार,  अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग, महेंद्र सिंगला, सत्यनारायण सिंगला, कृष्ण कंसल, जनक राज सिंगला, मूल चंद गुप्ता, रामनिवास बंसल एवं अर्जुन गर्ग दीप प्रज्वलित करेंगे।  सिंगला ने बताया कि यह संगीतमयी श्री अग्र भागवत (पंचामृत) कथा अपने आप में अनूठी एवं यहां के श्रद्धालुओं के लिए पुरे उत्तर भारत की पहली कथा होगी। उन्होंने बताया कि उज्जैन वाले विख्यात कथा वाचक प. विजय शंकर मेहता व्यासपीठ से प्रतिदिन दोपहर अढ़ाई बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक श्री अग्र भागवत कथा की अमृत वर्षा करेंगे।

अग्र भागवत कथा के शुभारम्भ से पूर्व नगर में 108 महिलाओं द्वारा कलश कर भव्य यात्रा निकलेगी। यह यात्रा सनातन धर्म मंदिर नई कालोनी से प्रारम्भ होकर विभिन्न बाजारों से होती हुई कथा स्थल अग्रवाल धर्मशाला पहुंचेगी।कथा के पहले दिन कथावाचक द्वारा व्यासपीठ से व्यास ऋषि द्वारा रचित श्री मद भागवत पुराण में पांडव पुत्र राजा परीक्षित के श्राप प्रसंग एवं जैमिनी मुनि राजा जनमेजय की कथा के रूप में महाराजा अग्रसेन का चरित्र सुनना प्रारम्भ किया जाएगा। सिंगला ने कहाकि संगीतमय श्री अग्र भागवत कथा को श्रवण करने का कुरुक्षेत्रवासियों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोगों के महान अवसर होगा।  सिंगला ने बताया कि 36 बिरादरी के श्रद्धालु कथा में शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन ने अपने कार्यकाल में समाज में अहिंसा का संदेश दिया। अहिंसा परमो धर्म व समानता का संदेश आज भी समाज में प्रेरणादायक है। महाराजा अग्रसेन ने महाभारत युद्ध में पांडवों की तरफ से भगवान श्री कृष्ण की प्रेरणा से पांडवों का साथ दिया। अग्र भागवत अत्यंत प्राचीन और मानव जीवन भगवान की सर्वोत्तम कृति है। भगवान अग्रसेन का संबंध भगवान राम और श्रीकृष्ण दोनों से है। ये ऐसे महाराज हैं जिनका जन्म सूर्यवंश में हुआ और श्रीकृष्ण की कृपा भी उन्हें प्राप्त हुई। इस अवसर पर विजयंत बिंदल, जिला अध्यक्ष अजय गोयल, राजीव गर्ग, शुभम बंसल, संगीता बिंदल, महेंद्र सिंगला, आशु गर्ग, विकास गर्ग, सुभाष बंसल, मित्रसेन गुप्ता व रामनिवास बंसल इत्यादि भी मौजूद थे। 

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?