Home Kurukshetra News कोरोना के खिलाफ पावरफुल सेनिटाइजर के रूप में है गीता पाठ और यज्ञ : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज

कोरोना के खिलाफ पावरफुल सेनिटाइजर के रूप में है गीता पाठ और यज्ञ : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज

by ND HINDUSTAN
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आर्यन/ न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र, 26 जुलाई। कोरोना के संकटकाल में मनुष्य का मनोबल न हारे और मानसिक तनाव से मुक्ति मिले। इसका समाधान श्रीमद्भागवत गीता मे निहित है। गीता पाठ और यज्ञ पावरफुल सेनिटाइजर के रूप में हैं। घर-घर में यह पावरफुल सेनिटाइजर कोरोना हराने में कारगर साबित होगा। कोरोना के प्रति डरें नहीं बल्कि सावधानी बरतें। केवल सावधान रहें और मानसिक तनाव में न आएं। मनुष्य की इस समस्या का समाधान केवल गीता में ही छिपा है। यह कहना है गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का। विशेष बातचीत के दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता पाठ श्रवण व पठन से आत्मबल बढ़ता है। पूरे विश्व में कोरोना के खिलाफ आत्मबल बढ़ाने के लिए गीता संस्थानम् की ओर से कुछ श्लोकों को निकालकर गीता यज्ञ का आह्वान किया गया, इससे लाखों लोगों को गीता का बल मिला। लॉकडाउन के दौरान घर-घर में गीता यज्ञ का आयोजन हुआ, जो कोरोना की लड़ाई में पावरफुल सेनिटाइजर के रूप में हैं।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता में ऐसे सूत्र हैं, जो मनुष्य को साहसी और धैर्यवान बनाते हैं। लाखों लोगों ने कोरोना लड़ाई को पूरी मजबूती और धैर्य से लड़ा। मनुष्य को मन-मस्तिष्क से कोरोना का भय और तनाव निकालकर साहस और धैर्य का परिचय देना होगा, क्योंकि कोरोना के प्रति भय ज्यादा है। इसकी मृत्युदर नाममात्र की है। इसलिए इससे डरने की बजाय सावधानी बरती जाए, जो इस चुनौती से निटपने में काफी सहायक सिद्ध होगी। मनुष्य यदि गीता ज्ञान का अनुसरण करेगा तो वह हर रोग से बड़ी सहजता के साथ जीत सकता है, क्योंकि गीता सत्य और कर्म पर आधारित जीवन जीने का संदेश देती है। गीता श्रवण और पठन दोनों से मनुष्य का मनोबल बढ़ता है और मनुष्य कर्मशील भी बनता है।
गीता मनीषी का कहना है कि कोरोना महामारी में व्यक्ति का मनोबल न टूटे, उसके लिए गीता है। भागवत गीता में बहुत श्लोक हैं। जो मनुष्य के डर और भय को दूर करते हैं और उसे निष्काम कर्म की ओर ले जाते है। साधारण से खास व्यक्ति को जीओ गीता से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। गीता संस्थानम् का उद्देश्य मुख्य उद्देश्य बच्चों को संस्कारवान बनाना है, उनके यौवन, जीवन, पारिवारिक मूल्यों के साथ मानवीय संवेदनाओं को जागृत किया जाए, इसके लिए संस्थान द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। गीता गुरुकुल नाम से विद्यालय चलाया जाएगा, जिसमें मूल्य आधारित शिक्षा दी जाएगी।

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