अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में राज्य सरकार ने की पहल, महाभारत, पवित्र ग्रंथ गीता और आजादी का अमृत महोत्सव के थीम पर बनेगी 21 आधुनिक मूर्तियां
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से किया जाएगा कार्य, सांस्कृतिक अधिकारी हृदय कौशल के नेतृत्व में 21 युवा शिल्पकार करेंगे कार्य
9 से 14 दिसंबर तक चलेगा कार्य, मूर्तियां हमेशा के लिए स्थापित की जाएगी पुरुषोत्तमपुरा बाग में
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में ब्रह्मसरोवर का पावन तट आधुनिक मुर्ति शिल्पकला से सजेगा। इस मूर्ति शिल्पकला का थीम महाभारत, पवित्र ग्रंथ गीता और आजादी का अमृत महोत्सव होगा। इस आधुनिक मुर्ति शिल्पकला को करने का जिम्मा हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को सौंपा गया है। इस विभाग की तरफ से सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्ति शिल्पकार हृदय कौशल सहित 21 युवा कलाकार आधुनिक मूर्ती शिल्पकला का कार्य करेंगे। अहम पहलू यह है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में 9 दिसंबर से लेकर 14 दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में ही शिल्पकारों द्वारा मूर्तियां तैयार की जाएंगी।
उपायुक्त मुकुल कुमार ने बुधवार को बातचीत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार आधुनिक मूर्ति शिल्पकला को जोड़ा जा रहा है। इस योजना के अनुसार ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग के पावन तट पर महाभारत, पवित्र ग्रंथ गीता और आजादी का अमृत महोत्सव को लेकर आधुनिक मूर्ति शिल्पकला का कार्य किया जाना है। इस कार्य को हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से किया जाएगा। इस कार्य के लिए हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की निदेशक प्रतिमा चौधरी से बारीकी से संबंधित अधिकारियों की बातचीत तय हो चुकी है और इस आधुनिक मूर्ती शिल्पकला की योजना को अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरु कर दिया गया है। इसके लिए 21 शिल्पकारों की डयूटी लगाई गई है।
यह कलाकार प्रदेश के युवा कलाकार है और सभी शिल्पकार 9 दिसंबर से लेकर 14 दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में ही निर्धारित थीम पर ही पत्थर को तराशकर मूर्तियां बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पुरुषोतमपुरा बाग पर 21 कलाकारों द्वारा बनाई जाने वाली 21 आधुनिक मूर्ति शिल्पकला हमेशा-हमेशा के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की संपति होगी और इन सभी मूर्तियों को भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन रथ के निकट सजाया जाएगा। यह आधुनिक मूर्ति शिल्पकला ना केवल लुप्त हो रही शिल्पकला को जीविंत करने का अनोखा प्रयास होगी, अपितु इस शिल्पकला को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान भी मिलेगी। इस शिल्पकला से युवा कलाकारों को भी एक मंच मिलेगा और आधुनिक मूर्ति शिल्पकला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का आकार्षण का केन्द्र भी बनेंगी। हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के अधिकारी एवं शिल्पकार ह्दय कौशल का कहना है कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के मंच पर पहली बार मूर्ति शिल्पकला को एक बड़ा मंच दिया गया है। यह कार्य विभाग की निदेशक प्रतिमा चौधरी के मार्गदर्शन में किया जाएगा और दिन-रात कार्य करके 21 मूर्तियों को तैयार किया जाएगा।