Home haryana बंदियों को मानवता की राह पर लाने के लिये जेलों में किया गया गीता यज्ञ और पाठ:ज्ञानानंद

बंदियों को मानवता की राह पर लाने के लिये जेलों में किया गया गीता यज्ञ और पाठ:ज्ञानानंद

by ND HINDUSTAN
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कुरुक्षेत्र जेल में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द के प्रयासों से हुआ हवन यज्ञ और गीता पाठ

कथावाचक डा. संजीव कुमार ठाकुर ने मंत्रोच्चारण के बीच किया गीता पाठ

जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत सहित अन्य गणमान्य लोगों ने डाली गीता यज्ञ में आहुति

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द ने कहा कि हरियाणा प्रदेश की सभी जेलों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर गीता यज्ञ और पाठ का आयोजन किया गया। इन जेलों में बंद बंदियों को मानवता की राह पर लाने और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में अच्छे कार्य करने के उद्देश्य से ही जेलों में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का ज्ञान देने का प्रयास किया गया है। यह प्रयास निश्चित ही सार्थक होंगे और सभी लोग अपने जीवन में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को धारण करेंगे।

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द के आह्वान पर हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ कुरक्षेत्र जेल में जीओ गीता की तरफ से हवन यज्ञ और गीता पाठ का आयोजन किया गया। इस गीता यज्ञ और पाठ में कथावाचक डा. संजीव कुमार ठाकुर, पूर्व गृह सचिव उत्तर प्रदेश मनी प्रसाद, स्वेच्छिक सेवानिवृत भारतीय पुलिस सेवा उत्तर प्रदेश से शिभू भाई की अध्यक्षता में ही इस अध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अध्यात्मिक कार्यक्रम में हवन यज्ञ में गीता श्लोकोच्चारण के साथ आहूति डाली गई और धार्मिक प्रवचन का भी आयोजन किया गया।

कथावाचक डा. संजीव कुमार ठाकुर व मनी प्रसाद मिश्र ने श्रीमद्भगवद गीता के ज्ञान के बारे में बंदियों को जागरूक किया और सभी बंदियों से आह्वान किया कि सभी को सकारात्मक सोच के साथ जीवन में अच्छे कर्मों की पहल करनी चाहिए। जेल के इस गीता हवन यज्ञ में जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत, उपअधीक्षक जेल रेशम सिंह, उपसहायक अधीक्षक जेल देवेन्द्र कुमार, समाज सेवी खरैती लाल सिंगला, गोविंद कुमार, सुरेश गर्ग, रविन्द्र मित्तल, सुरेश कुमार, राजेन्द्र सिंगला आदि ने आहूति डाली। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द ने कहा कि जीओ गीता की तरफ से हर वर्ष जेलों में गीता जयंती को लेकर गीता पाठ और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से सभी में सकारात्मक सोच पैदा होती है।

सभी को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है कि जो व्यक्ति पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करेगा, वह निश्चित ही एक मुकाम हासिल करेगा और जीवन में कभी भी दुखी नही होगा। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों में जीवन जीने का सार है और सभी समस्याओं का समाधान है, इसलिये सभी को अपने जीवन में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को धारण करना चाहिए।

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