Home haryana एबीसी श्रेणी के नाम पर रोडवेज का निजीकरण के विरोध में 30 जनवरी को परिवहन मंत्री आवास का होगा घेराव

एबीसी श्रेणी के नाम पर रोडवेज का निजीकरण के विरोध में 30 जनवरी को परिवहन मंत्री आवास का होगा घेराव

by ND HINDUSTAN
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पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पक्की भर्ती की मांग को लेकर 23-24 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेंगे रोड़वेज कर्मचारी

रोड़वेज बचाओ- रोजगार बचाओ आंदोलन के लिए विभाग की सभी यूनियनों का संयुक्त कर्मचारी मोर्चा बनाने का आह्वान

न्यूज डेक्स संवाददाता

रोहतक। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ राज्य कार्यकारिणी बैठक राज्य प्रधान इन्द्र सिंह बधाना की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन रोहतक में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य पदाधिकारियों, राज्य कमेटी सदस्यों के अलावा सभी डिपो व सब डिपूओं के प्रधान / सचिव /कोषाध्यक्ष ने भाग लिया। बैठक में मौजूद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि अगर रोड़वेज कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बना कर निजीकरण की मुहिम के खिलाफ निर्णायक आंदोलन नहीं किया तो पांच साल बाद रोड़वेज की बसें व कर्मचारी नही बचेंगे। उन्होंने जनता के सहयोग के साथ रोड़वेज को बचाने के लिए संयुक्त आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया और 23-24 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल करके इसकी शुरुआत की जा सकती है।

बैठक के बाद राज्य प्रधान इन्द्र सिंह बधाना व महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने बताया ए बी सी श्रेणी में 50 प्रतिशत प्राइवेट बसें चलाकर जनता व कर्मचारियों के खून – पसीने से खड़े किए हरियाणा रोडवेज विभाग को सरकार पूंजीपतियों के हवाले कर बर्बाद करने पर लगी हुई है। उन्होंने 29 नवम्बर को महानिदेशक राज्य परिवहन से हुई बातचीत की समीक्षा के बाद बताया सरकार नीतिगत मांगों के प्रति गम्भीर नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने विभाग बचाओ-रोजगार बचाओ आंदोलन को निर्णायक पड़ाव तक ले जाने के लिए विभाग के सभी छोटे-बड़े संगठनों से संयुक्त कर्मचारी मोर्चा बनाने का आह्वान किया। जल्द ही सभी यूनियनों की संयुक्त मीटिंग के लिए पत्र लिखा जाएगा।   

बधाणा व पूनिया ने बताया सरकार द्वारा निजीकरण को बढ़ावा देने के तहत अंतरराज्यीय रूटों पर 20 प्रतिशत, अंतरजिला 50 प्रतिशत व लोकल रुटों पर 80 प्रतिशत प्राइवेट बसों को चलाने के विरोध में, पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, परिचालक व लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल 6 में 35400 का वेतनमान देने, खाली पदों पर पक्की भर्ती करने, विभाग में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करने,1992 से 2003 के मध्य लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने,5000 रूपए जोखिम भत्ता देने, कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी स्केल व कम किए राजपत्रित अवकाश पहले की तरह लागू करने, सभी कर्मचारियों को एक माह के वेतन के समान बोनस देने, लिपिकों सहित सभी खाली पदों पर प्रमोशन करने, चालकों की प्रमोशन उप निरीक्षक के पद पर करने,कोरोना महामारी के दौरान मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने, कर्मचारियों को समय पर वेतन का व वर्दी, जूतों के पैसे का भुगतान करने,HREC कर्मचारियों के वेतन का स्थाई समाधान करने आदि मांगो को लेकर सरकार की वादाखिलाफी से खपा रोड़वेज कर्मचारी 30 जनवरी को फरीदाबाद में परिवहन मंत्री आवास का घेराव करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से आल इंडिया रोड़ ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के उप महासचिव आर लक्ष्मैया एवं अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने केन्द्र व राज्य सरकार की निजीकरण नीतियों के तहत सरकारी विभागों को बंद करने की नीतियों के खिलाफ व लम्बित मांगों को लेकर 23-24 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। बैठक में राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेने का निर्णय लिया। आज की बैठक में राज्य कमेटी नेता नरेंद्र दिनोद, राजपाल, बिजेंद्र अहलावत,राम आसरे यादव, नवीन राणा, बलबीर जाखड़,प्रदीप शर्मा,ओमबीर शर्मा, जय कुमार दहिया, शिवकुमार श्योराण,सुबे सिंह धनाणा, श्रवण कुमार जांगड़ा, रणबीर मलिक,मदन लाल खोथ, हिम्मत राणा, सतपाल राणा, राजकुमार नेपेवाला,सुमेर सिवाच, संजय सांगवान, कृष्ण कुमार उण, गंगा राम सरोत,धुप सिंह आदि नेताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की।   

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