Home haryana कुवि की पीजी प्रथम सेमेस्टर व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 2 मार्च से शुरू

कुवि की पीजी प्रथम सेमेस्टर व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 2 मार्च से शुरू

by ND HINDUSTAN
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केयू ने लिया ब्लैंडिड मोड में परीक्षाएं करवाने का फैसला

ऑनलाइन परीक्षार्थियों पर नजर रखेंगे निरीक्षक व ऑब्जर्वर


न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 2 मार्च से शुरू होने वाली पीजी प्रथम सेमेस्टर के सीबीसीएस, नॉन सीबीसीएस तथा तृतीय सेमेस्टर के नॉन सीबीसीएस के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी है। कुवि की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार 2 मार्च से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को पेपर पूरा कर सॉफ्ट कॉपी को गूगल फॉर्म पर अपलोड करने के लिए 4 घंटे का समय दिया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक सम्पर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने परीक्षा स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इस बार भी ब्लैंडिड मोड में परीक्षा लेने की योजना बनाई है। इस सम्बन्ध में सभी विभागाध्यक्षों, प्राचार्यों व निदेशकों को ई-मेल के माध्यम से जारी की गई तथा परीक्षा के सफल संचालन हेतु केयू प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विद्यार्थी ऑनलाईन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से परीक्षा दे सकता है। इसके लिए विभागाध्यक्षों, प्राचार्यों व निदेशकों को परीक्षार्थियों से 26 फरवरी तक ऑप्शन लेनी होगी कि वे परीक्षा किस माध्यम से देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए इस बार भी अपने पेपर की उत्तर-पुस्तिका अपलोड करने के लिए गूगल फार्म का लिंक जारी किया जाएगा ताकि उत्तर-पुस्तिका भेजने के लिए ई-मेल बाउंस व ई-मेल फेल जैसी किसी भी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े। विश्वविद्यालय के विभागों व संबंधित कॉलेजों के सभी परीक्षार्थियों को पीजी के प्रथम के सीबीसीएस, नॉन सीबीसीएस व तृतीय सेमेस्टर के नॉन सीबीसीएस परीक्षाओं के लिए गूगल फार्म का लिंक संबंधित विभाग व संस्थान की ओर से भेजा जाएगा और गूगल फार्म के जरिए ही विद्यार्थी अपनी उत्तर-पुस्तिका समय रहते संबंधित विभाग/संस्थान व कॉलेज में भेज सकेंगे। 

उन्होंने बताया कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं में प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वाइवा, ट्रेनिंग, डेजरटेशन आदि परीक्षाएं विभाग/संस्थान/महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष/निदेशक/प्राचार्य द्वारा अपने स्तर पर ही ऑनलाइन/ऑफलाइन मोड में परीक्षाओं के शुरू होने से होने से पहले करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी परीक्षाओं में विद्यार्थी को पेपर हल करने के लिए 4 घंटे का समय दिया जाएगा। पेपर करने के लिए विद्यार्थियों को ए-फॉर साइज के अधिकतम 36 पेजों का प्रयोग करना होगा तथा प्रश्न पत्र डाउनलोड करके परीक्षा संबंधित विवरण व रोल नंबर पेज पर लिखना होगा। इसके अलावा कोई भी परीक्षार्थी अपना मोबाइल नंबर व अन्य कोई भी सूचना अपनी उत्तर-पुस्तिका पर नहीं लिखेगा। इन आदेशों की उल्लंघना करने पर संबंधित विद्यार्थी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ब्लैंडिड मोड के तहत होने वाली इन परीक्षाओं के लिए जारी की गई गाइडलाइंस में विद्यार्थियों को वेब कैम और मोबाइल कैमरे के सामने उपस्थित होने के निर्देश हैं। 

डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि प्रातःकालीन सत्र में परीक्षा का समय 9.30 बजे से 1.30 तथा सांयकालीन सत्र में होने वाली इन परीक्षा का समय 1.30 बजे से 5.30 बजे रहेगा जिसमें पेपर को डाउनलोड कर उत्तरपुस्तिका को भेजने का समय भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्र व स्थानांतरित/असंबद्ध/बंद हो चुके संस्थानों/कॉलेजों के छात्र एडमिट कार्ड पर अंकित सम्बन्धित विभाग/संस्थान व महाविद्यालय में सम्पर्क कर परीक्षा देने के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा जिसमें उसका नाम, कक्षा, रोल नंबर, पेपरों का विवरण, मोबाइल नंबर, ई-मेल आदि आदि सभी जानकारियां उपलब्ध करवानी होगी। पंजीकरण करवाने के लिए 50 रुपए शुल्क जमा करवाने होंगे।  डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि यह सभी दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा जो विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना चाहेंगे, वे कुवि के नियमानुसार निर्धारित समय में इसके लिए आवेदन करेंगे ताकि समयानुसार उनकी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया जा सके। 

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