भाजपा सांसद ने अपनी ही सरकार के बारे में पूछा बताओ साथियों में हरियाणा में व्यापक भ्रष्टाचार है या नहीं ?
जनसमूह से से पूछते समय कहा दोनों हाथ भी उठा सकते हों,जनसमूह ने दोनों ही हाथ उठा कर बताया हरियाणा हैं भ्रष्टाचार
मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार मनीष ग्रोवर पर जमकर कर बरसे भाजपा सांसद अरविंद शर्मा
भाजपा सांसद बोले 21 जून तक है सरकार के पास समय,उसके बाद आरपार की लड़ाई होगी
सीएम के राजनीतिक सलाहकार मनीष ग्रोवर को भाजपा सांसद ने मूर्ख तक कहा
न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। जिला का पहरावर गांव उस दिन से सुर्खियों में है,जब ब्राह्मण सामुदाय की जमीन के एक हिस्से में लगे सरकारी बोर्ड को आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने बुलडोजर पर चढ़ कर उखड़वा दिया था। इसके साथ सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ उनके मुख से जो अग्निवर्षा हुई,उसका अंजाम 22 मई को इस रुप में देखने को मिलेगा,संभवतः इसका अंदाजा प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके नेताओं को नहीं था। रोहतक को हरियाणा की राजनीतिक का गढ़ कहा जाता है। इस गढ़ के बीच पहरावर गांव में जो पीच नवीन जयहिंद ने तैयार की थी,उसमें विशेषकर ब्राह्मण सामुदाय समेत 36 बिरादरी के नेता पहुंचे थे। ब्राह्मण नेताओं ने यहां जमकर बैटिंग की।सरकार और सरकार के नुमाइंदों के खिलाफ बोलते हुए शब्दों में तल्खी इतनी कि गर्मी में ठंडक का अहसास सिर्फ एक वर्ग को हो रहा था,लेकिन शब्द वर्षा की तपिश चंडीगढ़ में प्रदेश के मुखिया तक पहुंच रही थी।
भगवान परशुराम जयंती मनाने के उद्देश्य से पहरावर में रखे इस कार्यक्रम के बीच विधायक दादा गौतम,सांसद अरविंद शर्मा,कुलदीप वत्स ने वो सब कुछ कहा जो सत्ता पक्ष को अगले दिनों सता सकता है। पूरे आयोजन को निचोड़ निकाला जाए तो महसूस होगा कि जो ब्राह्मण समाज आशीर्वाद देने के लिए जाना जाता है, उसने ना जाने किस पीड़ा में दुर्वासा की तरह एक के बाद एक श्राप ही दिए। सरकार द्वारा की जा रही उपेक्षा को खुल कर नवीन जयहिंद या दूसरे ब्राह्मण नेताओं ने ही नहीं,बल्कि भाजपा के सांसद अरविंद शर्मा के पूरे भाषण में भी शुरु से लेकर अंत तक सुना गया। उन्होंने तो राज्य में अपनी ही सरकार के खिलाफ हाथ उठवाकर यहां तक पूछ लिया कि वोट किसको दी थी,बड़े जनसमूह ने भाजपा के पक्ष में हाथ खड़े किए। फिर सांसद ने पूछा क्या हरियाणा में भ्रष्टाचार है ? जनसमूह ने हरियाणा में भष्टाचार है यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए।
नवीन जयहिंद ने अपने भाषण में यह साफ कहा कि वह पूर्ण रुप से राजनीति से दूर हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोग कहते हैं नवीन जयहिंद तो भाजपा में जाएगा, कुछ कहते हैं,वह कांग्रेस और आप में जाएगा। उन्होंने कहा कि वह 36 नहीं,बल्कि हरियाणा में 37 बिरादरी के हक की लड़ाई लड़ेंगे,कोई राजनीति नहीं करेंगे और वह इस कार्यक्रम को ब्राह्मणों की नेतागीरी करने के लिए नहीं कर रहे। यह लड़ाई ठीक वैसी है,जैसे किसी के घर पर कब्जा हो जाए। हमारे घर पर कब्जा हो रहा है,उसके लिए लड़ाई लड़ना और संघर्ष तो जरुरी है। पहले पहल यही महसूस हो रहा था कि शायद पूरे कार्यक्रम में केंद्र बिंदु नवीन जयहिंद रहेंगे,काफी हद तक नवीन जयहिंद ही रहे,मगर रोहतक की पीच पर भाजपा सांसद अरविंद शर्मा की स्पीच ने जो धुआं उठाया,उससे एसी में बैठे कइयों की आंखों में पानी जरुर निकल आया होगा।
उन्होंने भाजपा सरकार पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार मनीष ग्रोवर को मंच पर जमकर धोया।ग्रोवर पर गंभीर आरोपों की वर्षा की। यहां तक कि ग्रोवर के पक्ष में दिए गए एक पुराने बयान पर दुःख भी जताया। अरविंद शर्मा ने कहा कि बतौर भाजपा सांसद मेरी सबसे बड़ी जिंदगी की भूल वो उस दिन की थी,जब मैने ग्रोवर के पक्ष में बयान दिया था। भाजपा सांसद ने अपनी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर काफी बोल बच्चन किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह तो कहा था कि जमीन संस्था की है और संस्था को मिलेगी,लेकिन जो काम दो घंटे में हो सकता था वो डेढ़ महीने में भी नहीं हुआ। अरविंद ने शायद इस भाषण में यह संकेत देने का भी प्रयास किया कि जो संघर्ष नवीन जयहिंद ने ब्राह्मण सामुदाय की जमीन से बोर्ड उखाड़ने से शुरु की थी,वह उससे काफी पहले मुख्यमंत्री से इस जमीन की बात कर चुके थे और मुख्यमंत्री ने सहमति भी दी थी।
अरविंद शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का दिल खराब नहीं था, मगर वह अपने दिमाग से काम नहीं लेते। मनीष ग्रोवर ने चालाकी दिखाई इस काम में बाधा डाली। भाषण में ग्रोवर के बारे में साथ ही यह भी कहा कि ग्रोवर भी कहता रहा कि जमीन तो ब्राह्मण समाज को ही दी जाएगी,मगर काम नहीं होने दिया और आज यह नौबत आ गई। अरविंद ने वह टीस भी जाहिर की,जब मुख्यमंत्री ने उन्हें यह कह दिया था कि जाओ तुम और मनीष ग्रोवर जाकर यह बयान दे दो सरकार ने ब्राह्मण सामुदाय की मांग को स्वीकार कर लिया है, मगर मुख्यमंत्री ने यूट्यूब पर एक इंटरव्यूह दे दिया,जो कि ब्राह्मणों और अरविंद शर्मा की मिट्टी खराब करने वाला था। अरविंद शर्मा ने कहा कि वह 4 बार सांसद चुने जा चुके हैं,रोहतक में भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में उन्होंने जीत दर्ज की,मगर भाजपा के कुछ लोगों हजम नहीं हो रहा कि अरविंद शर्मा 36 बिरादरी के सहयोग से कैसे सांसद बन गया।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ का आभार जताते हुए अरविंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने एक नियम बता कर ब्राह्मण सामुदाय पर बहुत बड़ा उपकार किया है,क्योंकि जो भूमि लीज पर ब्राह्मण सामुदाय ले रहा है,वह उसकी मालिक नहीं है,मालिक तो सरकार ही है और इस लिए जो आठ करोड़ देयराशि सरकार बात कर रही है,उसे सरकार को भी भरना होगा,समाज को नहीं। भाजपा सांसद ने मंच से अपनी सरकार को खुली चेतावनी दी कि अगर अगली 21 तारीख तक ब्राह्मण समाज के पास सरकार की ओर से जमीन के कागज पहुंचाए गए तो अरविंद शर्मा धरने पर बैठेगा। जिस ब्राह्मण समाज ने रोहतक और सोनीपत जैसी महत्वपूर्ण सीटें जीत कर दी,उसके बावजूद ब्राह्मण समाज की उपेक्षा सरकार द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री ठीक है, मगर वह बहकावे में आकर बात करते हैं,उन्हें समझना चाहिए कि रोहतक एजुकेशन का हब है। मगर सरकार गौड़ संस्थान, जाट संस्थान और अन्य जाति सामुदाय के संस्थानों पर प्रशासक बैठाकर संस्थाओं पर कब्जा किए बैठी है।
अरविंद शर्मा ने सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप लगाया कि 2014 में भाजपा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष पंडित रामबिलास शर्मा के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया था। सरकार आने पर रामबिलास शर्मा को साइड मारकर बैठा दिया।उन्होंने कहा कि पंजाबी सामुदाय से मुख्यमंत्री बने उससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है,वे भी हमारे भाई है,लेकिन बात हक की हो रही है। अब हालत यह है कि वह चार बार से सांसद है उनके द्वारा कहे गए काम भी नहीं होते। उन्होंने रोहतक में अमृत योजना में भ्रष्टाचार की बात कही तो उनकी बात का मजाक बनाया गया,उनसे ही सबूत मांगे जाने लगे,जबकि सरकार की नीयत साफ हो तो सिर्फ वह दो लोगों को पकड़वाकर सीआईए स्टाफ को सौंपे या विजिलेंस को सभी सबूत सामने होंगे। उन्होंने कहा कि सबूत मुझसे पूछते हैं, ग्रोवर से पूछो। सांसद ने दो टूक सरकार को अल्टीमेटम दे दिया कि अगर 21 जून तक पहरावर गांव में ब्राह्मण समाज की जमीन का मसला हल नहीं हुआ तो 21 के बाद आरपार की लड़ाई होगी। उन्होंने फरसे लेकर पहुंचे ब्राह्मण सामुदाय के लोगों से अपील कि वह यह फरसे संभाल कर रखना,क्योंकि 21 जून के बाद इनकी जरुरत पड़ सकती है।