सरकार ने करनाल, कैथल और कुरुक्षेत्र जिलों को लेकर बनाया एक कलस्टर
निजी एजेंसी को टेंडर देने की तमाम औपचारिकताओं को लगभग किया पूरा
करनाल में होगा डम्पिंग स्थल, कंपनी को कचरे के तोल के हिसाब से किया जाएगा भुगतान
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए डोर टू डोर कचरे की कलेक्शन करने की जिम्मेवारी एक निजी एंजैसी को सौंपी जाएगी। इसके लिए सरकार ने निजी एजेंसी को नियुक्त करने की प्रशासनिक अनुमति देने के साथ-साथ नगर निगम करनाल को वित्त बीड खोलने के भी आदेश जारी किए थे। सरकार की हिदायतों के अनुसार कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल को लेकर एक कलस्टर बनाया गया है तथा करनाल में मुख्य डम्पिंग स्थल होगा।
विधायक सुभाष सुधा ने देर सायं विशेष बातचीत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से विस्तार से चर्चा की गई और इस चर्चा के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निकाय विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के अन्य कई शहरों की तर्ज पर योजना तैयार करने के आदेश दिए। विधायक ने कहा कि अब सरकार ने कुरुक्षेत्र के शहरी क्षेत्रों में घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए योजना को प्रशासनिक अनुमति दे दी है। इसके साथ ही अर्बन लोकल बॉडीज हरियाणा के सब डिविजनल इंजीनियर तृतीय की तरफ नगर निगम करनाल के आयुक्त को 1 जून 2022 को पत्र लिखकर फाइनल की गई एजेंसी की फाइनेंशियल बिड खोलने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के बाद नगर निगम करनाल की तरफ से लगभग तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है।
विधायक ने कहा कि जब सफाई का जिम्मा निजी एंजैसी को सौंप दिया जाएगा तो घर-घर से कचरा एकत्रित करने की जिम्मेवारी एंजैसी की होगी। इसके लिए सारे संसाधन कंपनी के ही होंगे। अगर एंजैसी चाहेगी वह नगर परिषद के टिप्पर किराए पर ले सकेगी उन्होंने कहा कंपनी को कचरे के तोल के हिसाब से नप द्वारा भुगतान किया जाएगा। इस लिए कंपनी ज्यादा से ज्यादा कचरा एकत्रित करने के लक्ष्य के हिसाब से कार्य करेगी। इससे शहर को साफ और सुंदर बनाया जा सकेगा।
कचरे का प्रबंधन करना भी कंपनी की होगी जिम्मेवारी
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि जब निजी कंपनी को टेंडर जारी कर दिया जाएगा तो कचरा एकत्रित करने से लेकर प्रबंधन करने तथा गीले और सूखे कचरे को अलग अलग करने का जिम्मा भी कंपनी का होगा। इससे नगर परिषद भी अपना पूरा फोकस शहर के विकास और सफाई व्यवस्था पर रख सकेगी।