
मुख्यमंत्री ने जान-माल के नुक्सान पर जताई चिंता, लोगों से ऐहतियात बरतने की अपील
न्यूज डेक्स हिमाचल
शिमला।हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश,भूस्खलन और बाढ़ ने 18 से ज्यादा लोगों की मौत का अनुमान है,जबकि लगभग 15 लोगों के लापता होने का समाचार है। वैसे सरकारी आंकड़ों में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण जान-माल के भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 5 लोगों की मौत और लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है।
हिमाचल में इस भारी तबाही के बीच मंडी और चंबा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं। यहां के चंबा के भटियात में तीन, मंडी में और कांगड़ा के शाहपुर में मकान गिरने से 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। चंबा और मंडी जिले में 15 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे है। हमीरपुर में 10 से 12 घर नदी में डूब गए। इनमें फंसे 19 लोगों को रेस्क्यू किया गया। उधर, कांगड़ा में भारी बारिश से चक्की नदी में बना पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाला रेलवे पुल बह गया। हालांकि, इस पुल को एक हफ्ते पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था और अगस्त के पहले हफ्ते में ही बंद कर दिया था।
मंडी के गोहर में पहाड़ी धंसने से काशन पंचायत के जड़ोंन गांव में एक ही परिवार के आठ सदस्य इसकी चपेट में आ गए। एक महिला व दो बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पांच लोग अभी भी मलबे में दबे हुए। पूरा परिवार रात को घर पर सो रहा था। इस दौरान अचानक घर के पीछे का पहाड़ धंस गया।
मंडी के कटौला के बागी नाला में बाढ़ में एक गाड़ी और इसमें सवार छह लोग बह गए। 15 साल की लड़की का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। उधर, चंबा जिला में चुवाड़ी के बनेट गांव में भूस्खलन के बाद तीन लोग लापता हो गए। राज्य के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां से अभी सूचना नहीं मिल पा रही है। इससे दोपहर तक जानमाल का नुकसान और बढ़ने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि एनडीआरएफ और राज्य की बचाव टीमों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए घटनास्थलों पर भेज दिया गया है। सभी घटनास्थलों पर राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। भूस्खलन और बाढ़ से हुई मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।जय राम ठाकुर ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों से भी विशेष ऐहतियात बरतने और भूस्खलन एवं बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।