आर्य कन्या महाविद्यालय में आयोजित हुआ फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोगाम
न्यूज डेक्स संवाददाता
शाहाबाद।। वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रदीप गोयल ने कहा कि समाचार लेखन एक विधा है जिसमें अनुभव के बाद निखार आता चला जाता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर की लेखन शैली तथ्यों की पकड़, घटनाओं को देखने और समझने व उन्हें प्रस्तुत करने की कला पर निर्भर करती है। डॉ गोयल सोमवार को आर्य कन्या महाविद्यालय में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि किसी भी समाचार का इंट्रो उस समाचार की एक खिड़की होता है जिसमें झांक कर ही पाठक उस समाचार के भीतर प्रवेश करने की इच्छा करता है। यदि इंट्रो रोचक, तथ्यात्मक और सरल होगी तभी पाठक की उस समाचार में उत्सुकता जागेगी और वह सारा समाचार आरंभ से अंत तक पड़ेगा। यदि इंट्रो ही अच्छी नहीं हुई तो वह शीर्षक पढ़ कर ही दूसरे समाचारों की ओर चल देगा।
उन्होंने बताया कि इंट्रो में 6 ककार का उल्लेख करने के बाद सहजता के साथ स्टोरी लेखन करना चाहिए। अच्छी न्यू स्टोरी इनवर्टेड पिरामिड के आधार पर ही लिखी जाती है जिसमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण या केंद्रीय तथ्यों को पहले लिखा जाता है और फिर रूचि एवं महत्व के अनुसार क्रम से शेष तथ्य लिखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि न्यूज़ राइटिंग में शब्दों का चयन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारी-भरकम और लंबे लंबे वाक्य पाठक को बोर कर देते हैं। इसलिए आम आदमी की भाषा में छोटे और सरल वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए। ताकि वह समाचार सभी के लिए उपयोगी साबित हो। डॉ गोयल ने अनेक उदाहरणों द्वारा विभिन्न प्रकार के समाचारों के लेखन बारे विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने शिक्षिकाओं को भाषा एवं वर्तनी की शुद्धता और हिंदी समाचारों में अंग्रेजी शब्दों के उपयोग बारे भी जानकारी दें। कॉलेज की प्राचार्य डॉ आरती त्रेहान ने डॉ प्रदीप गोयल का पौधा देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ प्रियंका सिंह ने कहा की आज की विचार गोष्ठी से निश्चित तौर पर सभी को लाभ मिला है और भविष्य में प्रेस नोट तैयार करने एवं समाचार लेखन में अत्यंत सहयोग मिलेगा। यूजीसी संयोजिका राजेंद्र कौर ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन रजनी धवन ने किया। कार्यशाला में 41 शिक्षिकाओं ने भाग लिया।