ललित कला विभाग की छात्रा ने हेतन हैंडलूम से शुरू किया अपना व्यवसाय
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। यदि आपके हाथों में हुनर है और दिमाग नया करने की सोच है तो रचनात्मकता व्यक्ति को दूर तक ले जाती है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग की छात्रा तन्नू जीवन में नया करना चाहती है और अपने कौशल के माध्यम से वूलन, कॉटन की डोर से मैट, टोकरी, ड्राई फ्रूट की ट्रे, हैंडबैग सहित अन्य वस्तुएं बड़े उत्साह के साथ बना रही है। उसके द्वारा बनाया गया सामान इतना आकर्षक और सुंदर है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में लगे हरियाणा पैवेलियन में आने वाले पर्यटक उसकी खूब प्रशंसा कर रहे हैं। ललित कला विभाग की छात्रा तन्नू ने बताया कि उसने हेतन हैंडलूम के नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया है और वह ऑनलाइन आर्डर पर तैयार किए गए सामान को बेच रही है। पहली बार अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में स्टाल लगाने पर उसे बड़ा अच्छा लग रहा है क्योंकि यहां खरीददार मिलने के साथ-साथ कला के कदरदान भी मिल रहे हैं। तन्नू ने बताया कि उसका बचपन से मन कुछ नया करने में था और यही सोचकर उसने ललित कला विभाग में दाखिला लिया। यहां पर अपने कौशल में निखार लाकर वह अपनी मनपसंद चीजे तैयार कर रही है और अच्छी खासी कमाई भी कर रही है। विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने एक नई पहल शुरू की जिसके तहत विश्वविद्यालय के छात्रों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंच प्रदान किया गया है ताकि वह बाजार की मांग के अनुसार स्वयं का तैयार कर सकें। यह सब कार्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में चल रहा है।