कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। इंद्रधनुष सभागार, पंचकूला में 8 से 10 दिसम्बर 2025 तक भव्य आयोजन के रूप में संपन्न हुए राज्य युवा उत्सव-2025 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ग्रुप डांस टीम ने अपने उत्कृष्ट और ऊर्जावान प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विश्वविद्यालय की टीम ने फोक डांस (लोक नृत्य) श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि विश्वविद्यालय का नाम भी पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने पूरी टीम, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर.चौधरी, डॉ. मीनाक्षी सुहाग को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्टता और छात्रों की सृजनशीलता का महत्वपूर्ण परिचायक है। उन्होंने टीम को राष्ट्रीय युवा उत्सव में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं।छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर.चौधरी ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना विश्वविद्यालय की छात्राओं की प्रतिभा, परिश्रम और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह और गर्व का वातावरण बना दिया है तथा आने वाली प्रतियोगिता के लिए भी छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार किया है।कल्चरल इंचार्ज डॉ. मीनाक्षी सुहाग ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 22 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 10 छात्राओं की टीम ने अपने सांस्कृतिक कौशल, ताल, तकनीक और प्रस्तुति की खास शैली से निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत प्रथम स्थान हासिल लिया। विजेता टीम में लक्ष्मी, भूमि, अन्नपूर्णा, खुशी, प्रीति, निहारिका, कशिश, मुस्कान, नेहा व विशु शामिल है जिनको कुल 1 लाख 10 हज़ार रुपये की राशि का चैक प्रदान किया गया तथा साथ ही प्रत्येक छात्रा को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।डॉ. मीनाक्षी सुहाग ने बताया कि अपनी शानदार उपलब्धि के बाद अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की यह विजेता टीम 12 से 14 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल यूथ फेस्टिवल में हरियाणा और विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगी। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यह टीम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता कार्यालय की ओर से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भेजी गई थी। पूरी टीम का मार्गदर्शन और नेतृत्व सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. मीनाक्षी सुहाग ने किया, वहीं सन्नी कुमार, मंजीत, राकेश व नीरज ने भी विद्यार्थियों की तैयारी से लेकर प्रस्तुति तक हर चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के दृष्टिकोण से विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धिइंडो-पैसिफिक अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. वी. एन. अत्री ने किया जकार्ता में आयोजित संगोष्ठी में भारत का प्रतिनिधित्वकुरुक्षेत्र, 11 दिसम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय इंडो-पैसिफिक अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. वी. एन. अत्री ने 8 दिसंबर 2025 को जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित आसियान इंडो-प्रशांत दृष्टि संगोष्ठी: समुद्री संरक्षण और संवर्धन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें यह दायित्व भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा नामित किए जाने पर प्राप्त हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले इंडो-पैसिफिक अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. वी. एन. अत्री की प्रशंसनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय सत्र के पैनल वक्ता के रूप में प्रो. अत्री ने “नीली अर्थव्यवस्था के अवसर” विषय पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने वर्ष 1994 से 2025 तक नीली अर्थव्यवस्था के विकास, उसकी परिभाषा, उपयोगिता और वैश्विक महत्व पर विस्तृत प्रस्तुति दी।प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि समुद्री संरक्षण, समुद्री परिवहन, तटीय विकास, खनिज संसाधनों के सतत दोहन और समुद्री पर्यटन जैसे विषयों पर प्रो. अत्री द्वारा दी गई विशेषज्ञतापूर्ण प्रस्तुति न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण है, बल्कि भारत और आसियान देशों के बीच समुद्री सहयोग को नई दिशा प्रदान करने में भी सहायक होगी। उन्होंने वर्ष 2026 को आसियान-भारत वर्ष समुद्री सहयोग घोषित किए जाने को भी भारत के समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण और नीली अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. अत्री की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एक बार फिर वैश्विक स्तर पर गौरव के साथ उभरा है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव अपने विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग के लिए प्रेरित करता रहेगा और प्रो. अत्री की यह सफलता उसी सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है।प्रो. वी. एन. अत्री ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व हेतु अपने प्रति निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के समर्थन और दूरदर्शी नेतृत्व ने ही उन्हें वैश्विक मंच पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और देश का प्रतिनिधित्व करने की प्रेरणा और शक्ति प्रदान की।