आर्यन/ न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह एक ऐसा पखवाडा है जो भारत ही नहीं विश्व के असंभव काम माने जाते थे उनको संभव होने का अवसर आया है। हम और आप इस बात के लिए बहुत खुशनसीब है कि हमने असंभव चीजों को संभव होते देखा है। हम खुशनसीब है कि हम इन सबको देखने के लिए हैं। वे मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा “कोरोना उपरांत विश्व पटल पर भारत की बढ़ती संभावनाएं“ विषय पर आयोजित वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान अपने समर्थक और विरोधी दोनों ही देशों को अपने हक में करते हुए धैर्य, साहस और भरोसे का परिचय दिया। विश्व के सभी देशों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि भारत कोरोना वैक्सिन का निर्माण कर इस महामारी से सभी को मुक्ति दिलवाने का कार्य करे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत के नेतृत्व की सदी है। भारत का नेतृत्व महान नेतृत्व है। भारत ने इस कठिन काल में विश्व में साहस, धैर्य, भरोसे का निर्माण किया। भारत ने इसका निर्भीकता से सामना किया। पूरा विश्व भारत की सराहना व सम्मान कर रहा है। आज हम नई शिक्षा नीति के साथ नए भारत के निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं जो बेरोजगारी को समाप्त करने व आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि कोरोना उपरांत विश्व पटल पर भारत की बढ़ती संभावनाए और अधिक नजर आती है। विकसित, शिक्षित, समृद्धशाली व बेरोजगारी मुक्त, लिंगभेद मुक्त भारत की नींव पड़ चुकी है। आज भारत लिंग भेद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है। भू्रण हत्या, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियां का डटकर सामना किया जा रहा है। आज बेटे को दीपक माना जाता है तो बेटी को उसी दीपक की रोशनी माना जाता है।
इन्द्रेश कुमार ने कहा कि जब हम सब अच्छा कमाते हैं तो मिलावट करना छोड़ देना चाहिए इसके लिए हमें संकल्पित होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन की साम्राज्यवादी नीति का विरोध किया है। भारत के निर्णय से चीन को 4हजार करोड़ रूपये के व्यापार को नुकसान हुआ है। भारत ने चीन के 59 एप पर पाबंदी लगा दी है जिससे भी उसको आर्थिक नुकसान हुआ है। भारत ने आत्मनिर्भर भारत के फलस्वरूप 20 नए एप बनाए हैं। यदि हम सब यह निर्णय लें कि अपना बनाएंगे, अपना बेचेंगे, अपना खरीदेंगे, अपने का उपयोग करेंगे, अपने का गुण गाएंगे तभी समृद्धशाली, आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से शक्तिशाली भारत का निर्माण कर सकेंगे। कोरोना काल में भारत ने पीपीई किट, मास्क व सेनिटाईजर निर्माण कर दूसरे देशों में दवाईयां आदि भेजकर व्यापार न कर सहायता कर मानवता का परिचय दिया। अभी तक किसी भी देश ने इस तरह की कोई सहायता नहीं की है।
उन्होंने कोविड-19 को जैव हथियार बताते हुए कहा कि यह महामारी चीन की वुहान लैब से निकला है। यह पहले उन लोगों में फैला जो वहां कार्य कर रहे थे। उसके बाद जो लोग वहां आए उनसे उनके देशों में फैल गया। यह विषाणु मात्र नहीं है। जैव हथियार बनाकर चीन ने पूरे विश्व में मानवीयता को शर्मसार किया है। इससे चीन का अमानवीय चेहरा सामने आया है। भारत में भी यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है लेकिन भारत में रिकवरी दर दूसरे देशो की तुलना में अधिक है और मृत्यु दर बहुत कम है। हमारे देश के लोगों की प्रतिरोधक क्षमता भी दूसरे देशों के मुकाबले अधिक है। उन्होंने कहा कि जब धारा 370 व 35 ए को हटाने से कि भारत एक देश, एक जन, एक संविधान, एक झंडा व एक नागरिकता व अखण्डता मजबूत हुई। उन्होंने बताया कि सैकडों वर्षो के संघर्ष के बाद एकमत से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है जिसका शिलान्यास 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों से अपील की कि वे संकल्प लें कि शरीर से, मन से, बुद्धि से किसी को अछूत नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब भारत के विकास, एकजुटता में बाधा है। संकल्प लें कि वे सब अपने घर से इसकी शुरूआत करेंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीता खन्ना ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार को इस वेबिनार में समय देने के लिए अभिनंदन व धन्यवाद किया। कुलपति ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इंद्रेश कुमार ‘कोरोना के उपरांत विश्व पटल पर भारत की बढ़ती संभावनाएं’ विषय पर अपना आनलाईन व्याख्यान के माध्यम से रूबरू हो रहे हैं। उनके आज के इस व्याख्यान से लाखों युवाओं, शिक्षकों तथा छात्रों को एक नई ऊर्जा तथा दिशा मिलेगी। उनके व्याख्यान के माध्यम से हरियाणा तथा देश के किसानों, उद्यमियों, शैक्षणिक जगत से जुड़े हुए लोगों, वैज्ञानिकों, महिलाओं, युवाओं एवं कामगारों के लिए एक सार्थक पहल को एक नया आयाम मिलेगा।
कुलपति ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत विश्व का पहला ऐसा देश होगा जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा कर रोजगार की नई संभावनाओं के अवसर पैदा करेगा। भारत ही विश्व पटल पर प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करके अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत कर विश्व गुरू बनेगा। वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी ने युवाओं एवं शिक्षकों को जो दिशा-निर्देश दिए हैं हम सब उनका पालन कर रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबंधित सभी कॉलेजों के शिक्षक एवं विद्यार्थी लॉकडाउन में सरकार के दिशा-निर्देशों को जन-जन तक पहुंचाकर जागरूकता का अभियान चलाकर अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि कुलाधिपति सत्यदेव नारायण आर्य के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने लॉकडाउन के दौरान 50 से अधिक आनलाईन कार्यक्रम, वेबिनार, संगोष्ठियों, जागरूकता कार्यशालाएं, सामाजिक चेतनाओं से संबंधित विषयों पर आयोजन कर कोरोना के प्रति जागरूकता के यज्ञ में अपनी आहुति दी है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की नीतियों एवं दिशा-निर्देशों को जनसामान्य तक पहुंचाने का भरसक प्रयत्न किया है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने मुख्य वक्ता, कुलपति डॉ. नीता खन्ना व अन्य विश्वविद्यालयों से जुडे कुलपतियों, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजूला चौधरी, देश विदेश से जुडे दर्शकों, अधिष्ठाता, शिक्षकों, विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक विश्व के पटल पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। कोरोना काल में विश्वविद्यालय ने अनेक सामाजिक कार्यक्रम चलाए हैं जिसका श्रेय कुलपति डॉ. नीता खन्ना को जाता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विवेक चावला ने किया। आईटी सेल के निदेशक डॉ. सुनील ढींगडा, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. ब्रजेश साहनी, व उप-निदेशक डॉ. दीपक राय तथा डॉ. राहुल ने ऑनलाईन कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया।
कार्यक्रम के अंत में कुरुक्षेत्र के विधायक सुभाष सुधा द्वारा पूछे गए प्रश्न आत्म निर्भर भारत का क्या स्वरूप हो का भी इंद्रेश कुमार ने जवाब दिया। कार्यक्रम में संजय अरोडा, शैलेश कपूर, डॉ. महासिंह पूनिया, सौरभ चौधरी द्वारा भी प्रश्न पूछे गए