नागरिक अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगाने का काम हुआ शुरू
मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आक्सीजन कोटा ओर बढ़ाने की मांग
प्रशासन से लगातार ले रहे है स्वास्थ्य सुविधाओं की फीडबैक
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना के मरीजों को अब 6 एमटी आक्सीजन का कोटा मिलेगा। इससे पहले कुरुक्षेत्र को 4 एमटी आक्सीजन मिल रही थी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कुरुक्षेत्र के लिए आक्सीजन का 6 एमटी से भी ज्यादा बढ़ाने की मांग की है। विधायक सुभाष सुधा ने बातचीत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना का संक्रमण का प्रभाव अभी कम नहीं हो रहा है। इसलिए सरकार और प्रशासन लगातार इस संक्रमण को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है।
इस समय कुरुक्षेत्र के कोरोना मरीजों को आक्सीजन समय पर उपलब्ध करवाना एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती पर खरा उतरने के लिए सभी सांझे प्रयास कर रहे है। इस जिले में अब मरीजों को आक्सीजन की ज्यादा जरूरत है और मरीजों के लिए 4 एमटी आक्सीजन का कोटा मिल रहा है। इस कोटे को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने के बाद 6 एमटी करवाया गया है। अब कुरुक्षेत्र को 6 एमटी कोटा मिलना शुरू हो गया है।
इसके बाद मरीजों के लिए ओर अधिक आक्सीजन की मात्रा की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत की गई है कि इस कोटा को 11 एमटी के आसपास किया जाए। विधायक ने कहा कि मरीजों की संख्या में ज्यादा इजाफा होने से अस्पताल में बैड भी कम पड़ गए है। इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अस्पतालों में बैड की भी संख्या बढ़ाने की मांग की गई है।
उनका प्रयास है कि कुरुक्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ना आने दी जाए। इस कठिन समय में समाज सेवी संस्थाएं भी मदद के लिए आगे आई है। गीता स्कूल संस्था ने प्रशासन को करीब 100 बैड की व्यवस्था कराई है। इसके अलावा अन्य संस्थाएं भी सहायता और सहयोग के लिए आगे आई है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से एनएचएआई व डीआरडीओ ने आक्सीजन का प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया है।
इस प्लांट को शीघ्र ही स्थापित कर दिया जाएगा। इस प्लांट के लगने से सिविल अस्पताल के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन मिल पाएगी। इस प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट आक्सीजन उत्पादन होगा। इससे मरीजों की आक्सीजन संबधित समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार फीडबैक ली जा रही है ताकि किसी भी मरीज को दिक्कत ना आने पाए।